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बैग में तीस किलो गेहूं की बजाए हैं लगभग 24 किलो

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फिरोजपुर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव भाने वाला स्थित डिपो से जरूरतमंद ग्रामीणों को दो रुपये किलो के हिसाब से तीस किलो गेहूं की बजाए लगभग 24 किलो गेहूं दिया जा रही है। मंगलवार को गांव में दिए गए गेहूं के प्रत्येक बैग में पांच से छह किलो गेहूं कम पाया गया। गेहूं कम मिलने के कारण ग्रामीणों में रोष है।
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ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हमेशा पूरे पैसे देकर भी कम गेहूं मिलता है। उल्लेखनीय है कि ब्लाक ममदोट में भी कुछ दिन पहले डिपो से जरूरतमंद लोगों को दिए जा रहे गेहूं में बदबू आ रही थी, यह गेहूं जानवरों के खाने लायक नहीं था। उधर, डिपो होल्डर गुरचरण सिंह के पिता गुरदीप सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग की ओर से भेजे गए गेहूं के बैग ग्रामीणों को दिए गए हैं। कई ग्रामीणों ने बैग में कम गेहूं होने की बात कही है, उन्हें कहा है कि बैग रख दो, बाद में तोलकर ले जाना। उक्त गेहूं संबंधित विभाग ने भेजा है, उन्हें बैगों में गेहूं कम होने की शिकायत की जाएगी।
सीमांत गांव भाने वाला निवासी शेर सिंह, जगदीश सिंह, करनैल सिंह, सरवन सिंह, हरबंस सिंह व सुखदेव सिंह ने कहा कि मंगलवार को डिपो पर लगभग तीन सौ बैग गेहूं के पहुंचे हैं। ऐसा कोई बैग नहीं था, जिसमें गेहूं कम न हो। किसी बैग में पांच किलो और किसी में छह किलो के करीब गेहूं कम था, जबकि वे लोग डिपो होल्डर को तीस किलो गेहूं के पैसे दे रहे हैं। यह सिलसिला पिछले कई माह से चल रहा है। इस बार ग्रामीणों ने डिपो से गेहूं के बैग लाकर इलेक्ट्रॉनिक्स कंडे पर तोले हैं, जिनमें छह किलो गेहूं कम पाया गया है। उक्त गेहूं पंजाब सरकार की ओर से जरूरतमंद लोगों को दो रुपये किलो के हिसाब से दिया जाता है। इस प्रकार कम गेहूं देकर ग्रामीणों से ठगी मारी जा रही है। कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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