जालंधर। आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की घोषणा की है। सीएम के इस एलान को कॉन्फेडरेशन ऑफ कॉलेजिस एंड स्कूल्ज ऑफ पंजाब ने खोखला बताया है। पदाधिकारियों का कहना है कि ओबीसी, एससी के छात्रों को छह साल से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। ऐसे में सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति देने की बात कर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
एससी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम का पंजाब के अन-एडिड कॉलेजों की तीन अकादमिक वर्षों की 1850 करोड़ राशि बकाया है। केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी छात्रों के लिए चलाई जा रही स्कॉलरशिप योजना के तहत पंजाब सरकार को केंद्र सरकार ने वर्ष 2015-16, 2016-17 को करीब 1960 करोड़ प्रति वर्ष जारी की गई थी, जो पंजाब सरकार ने आज तक नहीं दी है।
पंजाब सरकार से की छात्रवृत्ति जारी करने की मांग
अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने पंजाब सरकार व मुख्यमंत्री चन्नी से सवाल किया कि सरकार लागू योजना के पैसों का भुगतान तो कर नहीं पा रही, ऐसे में बाकी की घोषणाओं का क्या औचित्य है। डिग्री कॉलेजों के अध्यक्ष तलविंदर सिंह, मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स के अध्यक्ष डॉ. अनूप बोरी ने कहा कि अगर यह योजना सामान्य वर्ग के लिए भी बनती है तो उनके हालात भी बुरे हो जाएंगे। प्रतिनिधियों ने पंजाब सरकार से छात्रवृत्ति राशि जारी करने की मांग की है।