पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री व विधानसभा हलका बल्लूआन के पूर्व विधायक बाबूराम चावला का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। चावला का अंतिम संस्कार बाद दोपहर 4:30 बजे सुभाष नगर शिवपुरी में बेहद ही गमगीन माहौल में सरकारी सम्मान के साथ किया गया।
जहां पर बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। लेकिन प्रशासन की लापरवाही से सरकारी सम्मान के इंतजार में पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर डेढ़ घंटे तक श्मशान भूमि में रखा रहा। जिस पर लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष पाया गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1992 में विधानसभा क्षेत्र बल्लूआना की आरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े बाबूराम चावला ने करीब 11 हजार वोटों से जीत हासिल की और स. बेअंत सिंह के कार्यकाल के दौरान वे पंजाब सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। इधर, रविवार सुबह उनका देहांत हो गया।
चावला के बड़े बेटे कालूराम चावला ने बताया कि उन्होंने दोपहर 12 बजे प्रशासन को सूचना दर्ज करवा दी कि पूर्व मंत्री बाबूराम चावला का निधन हो गया है और उनकी शव यात्रा बाद दोपहर 3 बजे उनके निवास स्थान से आरंभ होगी। जबकि करीब सवा 3 बजे सुभाष नगर शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जब निर्धारित समय तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा तो वे 3 बजे परिजनों व समाज के लोगों के सहयोग से शव लेकर सुभाष नगर श्मशान भूमि पहुंच गए। जहां पर मौजूद तहसीलदार ने उन्हें बताया कि कुछ ही देर में पंजाब पुलिस के जवानों की टुकड़ी यहां पहुंच कर उन्हें सलामी देगी। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद पुलिस टुकड़ी ने पूर्व मंत्री की पार्थिव देह को सलामी दी।
जिससे उन्हें अंतिम संस्कार में करीब डेढ़ घंटे का इंतजार करना पड़ा। सलामी के बाद तहसीलदार और नगर निगम के मेयर विमल ठठई ने दिवंगत मंत्री को पुष्पचक्र अर्पित किया।
इस मौके पर मौजूद समाज के गणमान्य लोगों मनोज जटोलिया, ठाकर दास सिवान आदि ने कहा कि सरकारी सम्मान के लिए पूर्व मंत्री के शव को डेढ़ घंटे का इंतजार करना बेहद ही निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि शायद दिवंगत मंत्री चावला अनुसूचित जाति से संबंधित होने के कारण उनके साथ अंतिम समय में ऐसा व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए, ताकि भविष्य में किसी नेता की मौत पर ऐसे मामले की पुनरावृत्ति न हो। पूर्व मंत्री को अंतिम विदाई देने वालों में बल्लूआना के विधायक गोल्डी मुसाफिर, कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुभाष बाघला, विजय नागपाल बब्बू, अमरीक सिंह थिंद, पार्षद विनोद कुमार, राजकुमार खटनावलिया, तथा जगदीश दुग्गल आदि सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद थे।