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दावे ढेर, नहीं मिल रही आठ घंटे बिजली

Fri, 13 Jun 2014 09:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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धान सीजन शुरू होने पर दावों के मुताबिक किसानों को आठ घंटे बिजली सप्लाई नहीं मिल रही। लाइनों की रिपेयर के नाम पर गांव और शहरों में रोजाना तीन से चार घंटे के कट लगाए जा रहे हैं, जबकि पावरकॉम का दावा है कि राज्य में किसानों को आठ घंटे और जनता को 24 घंटे बिना नागा सप्लाई जारी है।
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लाइनों की रिपेयरिंग करने का काम सर्दियों में पूरा होना था लेकिन अब गर्मियां खत्म होने जा रही है और अभी तक रिपेयर का दौर जारी है, जिसकी आड़ में कट लगाए जा रहे हैं।


पावरकॉम के इंजीनियर बताते हैं कि लाइन रिपेयर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें वर्क परमिट लेकर रिपेयर करनी पड़ रही है। लाइनों की रिपेयर और ट्रांसफार्मर के कंडक्टर बदलने का काम ठेकेदार कर रहे हैं, ऐसे में अभी लोगों को  अघोषित कटों का सामना तो करना ही पड़ेगा। वहीं किसानों की मानें तो उन्हें धान के सीजन में आठ घंटे तो दूर महज चार घंटे भी लगातार सप्लाई नहीं मिल रही है।
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एग्रीकल्चर को तीन ग्रुपों में बिजली सप्लाई देने का दावा
पावरकॉम के चेयरमैन केडी चौधरी का कहना है कि राज्य में एग्रीकल्चर सेक्टर को रोजाना आठ घंटे सप्लाई दी जा रही है। चेयरमैन की मानें तो राज्य में खेती सेक्टर की सप्लाई के लिए तीन ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप को रोजाना आठ घंटे में विभाजित कर सप्लाई मुहैया करवाई जा रही है। उनके मुताबिक राज्य में अभी कोई कट नहीं है।


पंजाब में पावर की डिमांड 2000 पहुंची
बढ़ रहे तापमान के बीच पंजाब में पावर की डिमांड 2000 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी है। हालांकि पावरकॉम का दावा है कि जितनी डिमांड उनके पास है, उतनी ही बिजली उनके पास मौजूद है। जानकारी के मुताबिक इस समय विभिन्न क्षेत्रों से जो बिजली पंजाब के पास मौजूद है, उसके मुताबिक राज्य में अभी पावर कट लगाने की कोई जरूरत नहीं है।

कहां से कितनी मिल रही है बिजली
- पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांट से 600 लाख यूनिट
- पंजाब के हाइडल प्रोजेक्टों से 200 लाख यूनिट
- बीबीएमबी के हाइडल प्रोजेक्ट से 200 लाख यूनिट
- सेंट्रल के लॉग टाइम पूल से 450 लाख यूनिट
- केंद्र की तरफ से अभी जारी नए 30 प्रतिशत कोटे से 200 लाख यूनिट
- शार्ट टर्म परचेज के माध्यम से 200 लाख यूनिट


रात को ही मिलती है बिजली
-भोगपुर के किसान अमरजीत आर्गेनिक फार्मिंग करते हैं। उनका कहना है कि रात के समय ही बिजली मिल रही है। दिन के समय बिजली की कमी है। तार पुराने हैं अगर, मोटर चलती है तो तार खराब हो जाती है। ऐसे में दिन के समय पूरी बिजली नहीं मिल रही है।


-शाहकोट के किसान तेजिंदर सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में किसानों को महज 5 घंटे सप्लाई ही मिल रही है। ऐसे में धान की फसल बीजाई करना मुश्किल हो रहा है।
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