अवैध तरीके से मेडिकल प्रेक्टिस करने वाले झोलाछापों की अब खैर नहीं। ऐसे लोगों के खिलाफ सेहत विभाग की ओर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
टेस्ट और दवा के नाम पर कमीशन लेने वाले डाक्टर भी अब बख्शे नहीं जाएंगे। यह कहना है पंजाब के स्वास्थ्य व परिवार भलाई मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी का। वे बरनाला के सरकारी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
ज्याणी ने कहा कि जिन प्राइवेट अस्पतालों में मंजूरशदा केमिस्ट शॉप नहीं है, उन्हें बंद करवा कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों की कमी को दूर करने लिए नई भर्तियां की जा रही हैं।
42 स्कूलों में पानी के सैंपल फेल
सुरजीत कुमार ज्याणी ने बताया कि पिछले कुछ मास में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में सरकारी व प्राइवेट 42 स्कूलों के पानी के सैंपल फेल पाए गए।
इन स्कूलों की ओर से अभी तक शुद्ध पेयजल की सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकी है। ऐसे स्कूल प्रबंधकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहरों व गावों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ सिस्टम दिया जाएगा।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर बरनाला गुरलवलीन सिंह सिधू,सिविल सर्जन बरनालाडा.रेणू, सुभाष मक्कडा, धीरज दधाहूर, यादविन्द्र शैंटी, सोमनाथ सहौरिया, कुलदीप सहौरिया, प्रवीन बांसल, नीरज जिन्दल, प्रेम प्रीतम जिन्दल, मोहित गोयल,गुरमीत सिंह व संदीप जेठी आदि उपस्थित थे।