प्रवक्ता ने बताया कि पुख्ता सबूतों के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में 23 जुलाई 2022 को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 ए और आईपीसी की धारा 420, 120-बी के अधीन मामला दर्ज किया गया है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट घोटाले में जालंधर में तैनात मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एम.वी.आई.) नरेश कलेर के साथ मिलीभगत करने वाले एक और एजेंट गौरव अरोड़ा, निवासी सैंट्रल टाऊन, जालंधर को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो ने उसका मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त कर लिया है जो इस घोटाले के बारे और जानकारी इकत्र करने के लिए डाटा माहिरों को भेजा जायेगा।
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जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो ने एमवीआई, जालंधर के दफ्तर में अगस्त 2022 में अचानक चैकिंग की और बड़े स्तर पर प्राइवेट एजेंटों के साथ मिलीभगत करके व्यापारिक और निजी वाहनों की जांच किए बिना फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे संगठित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि पुख्ता सबूतों के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में 23 जुलाई 2022 को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 ए और आईपीसी की धारा 420, 120-बी के अधीन मामला दर्ज किया गया है।
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इस मामले में कुल 13 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं जोकि जेल में बंद हैं जिनमें नरेश कलेर, रामपाल उर्फ राधे, मोहन लाल उर्फ कालू, परमजीत सिंह बेदी, सुरजीत सिंह और हरविन्दर सिंह, पंकज ढींगरा उर्फ भोलू, ब्रिजपाल सिंह उर्फ रिक्की, अरविन्द कुमार उर्फ बिंदु, वरिन्दर सिंह उर्फ दीपू, सपना, लवलीन सिंह लवी और राजेश सहोता (सभी प्राइवेट एजेंट) शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले की आगे जांच जारी है और बाकी भगौड़े मुलजिमों को जल्दी ही काबू कर लिया जायेगा।