पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े 13 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग थानों में 32 मामले दर्ज हैं। आईजी सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि इस गिरोह के भंडाफोड़ से पंजाब पुलिस ने कम से कम पांच हत्याओं और सात हथियारबंद डकैती व लूट को नाकाम कर दिया है।
आईजी सुखचैन सिंह गिल और एसएसपी जालंधर देहात स्वप्न शर्मा ने बताया कि गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए पुलिस दो हफ्ते से इस ऑपरेशन पर काम कर रही थी। इनके निशाने पर बंबीहा, पिंदा और गौंडर गिरोह के सदस्य और राजनेता थे। साथ ही लुधियाना, अमृतसर और फिरोजपुर के इलाकों में डकैती की योजना थी।
कपूरथला एरिया के एक पेट्रोल पंप को भी लूटने की साजिश रची थी। इन गैंगस्टरों से 13 हथियार भी मिले हैं, जिनमें दो विदेशी हैं। अपराधियों के नाम गैंगस्टर अवतार उर्फ मंगल, जोबनप्रीत, आकाशदीप, हरप्रीत उर्फ काका, अर्शदीप, लवजोत, रेशम, बॉबी, गुरप्रीत उर्फ कुमार शूटर, गुरप्रीत उर्फ गोपी, हरमिंदर सिंह कलसी, बलविंदर बिल्ला और एक अन्य हैं।
पिछले महीने जालंधर देहात पुलिस ने 11 गैंगस्टर पकड़े थे। उन्हीं की निशानदेही पर यह गिरोह पकड़ा गया है। इनमें नौ शार्प शूटर हैं, जो कुख्यात अपराधी घुम्मा और गोपी मारकस उर्फ मस्सा के साथ काम करते थे। यह गिरोह जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया और लॉरेंस बिश्नोई के निर्देश पर काम करते थे। फिरोजपुर निवासी मस्सा के खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं।
पंजाब में नशे की सप्लाई करते थे गैंगस्टर
पकड़े गए गैंगस्टर तरनतारन और फिरोजपुर के रहने वाले हैं, जो सीमा पार से आने वाली नशे की खेप को अन्य राज्यों में पहुंचाते थे। विदेशी हथियार मिलने पर गैंगस्टरों के विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह हथियार पाकिस्तान से आए हों।
फोन पर मिलने वाली अधिकतर धमकियां फर्जी निकली: आईजी
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद पंजाब में नामी नेताओं, वकीलों और उद्योगपतियों को विदेशी नंबर से रंगदारी की कॉल की जा रही हैं। इस पर आईजी सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि जांच के बाद ज्यादातर कॉल फर्जी निकली हैं। कुछ कॉल्स की अब भी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।