घटना को लेकर जालंधर पुलिस काफी समय से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस को बुधवार तब सफलता मिली, जब पुलिस ने प्रशांत को दिल्ली के रघुवीर नगर से काबू कर लिया। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रशांत मूलरूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव बिलगाम का रहने वाला है।
पुलिस ने वारदात के लिए इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर वाली बाइक भी बरामद कर ली है। कमिश्नर ने बताया कि प्रशांत कपूरथला के सुलतानपुर लोधी में राज मिस्त्री का काम करता था। प्रशांत ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से अपने चचेरे भाई दीपक को बुलाया, जो अपने साथियों के साथ तीन बाइक और कार लेकर आया था। इन लोगों के लिए किराए के मकान का बंदोबस्त भी प्रशांत ने ही किया था।
पुलिस की जांच में यह सामने आ रहा था कि आरोपी कपूरथला की तरफ गए हैं। पुलिस ने कपूरथला के आसपास के इलाकों में किराये में रहने वाले प्रवासी लोगों को लेकर जांच शुरू की तो सामने आया कि सुलतानपुर में कुछ लोग बाहरी इलाके से आकर ठहरे थे, जो वारदात के बाद कमरा खाली कर निकल गए।
पुलिस की तरफ से बारीकी से जांच शुरू हुई तो सामने आया कि कमरा प्रशांत ने किराए पर लेकर दिया था। प्रशांत भी घर छोड़कर परिवार समेत दिल्ली जा चुका था। पुलिस टीम पीछा करती हुई दिल्ली पहुंची, जहां रघुवीर नगर से प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया।
जालंधर में मणप्पुरम गोल्ड में लुटेरों ने पेशेवर ढंग से वारदात को अंजाम दिया। पहले ग्राहक बनकर दो लुटेरे दफ्तर में घुसे और कर्मचारियों से बात करने लगे। इसके कुछ ही देर में उनके तीन और साथी दफ्तर के अंदर आ गए। उनका एक साथ दफ्तर के बाहर ही खड़ा रहा। इसके बाद लुटेरों ने दफ्तर में मौजूद तीन महिला और एक पुरुष कर्मचारी को बंधक बना लिया था।