जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल के बस्ती दानिशमंदा स्थित घर पर गनमैन पवन ने संदिग्ध परिस्थितियों में एके-47 से गोली मार ली, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह वारदात तब हुई जब विधायक परिवार के साथ मंदिर माथा टेकने गए थे और गनमैन पवन घर में अकेला था। वहीं उसके ससुर का कहना है कि मेरा दामाद इतना कमजोर नहीं था कि आत्महत्या कर ले। उसे धमकाया गया है। उसे टाइफाइड था और ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। वह छुट्टी के लिए बात करने गया था, बंद कमरे में क्या बात हुई, पता नहीं। छोड़ने आए मौसेरे जवांई को सिर्फ इतना कहा था कि तुम दवा लो, मैं छुट्टी की बात करके आता हूं।
मैं और मेरी पत्नी अक्सर दामाद से वीडियो कॉल पर बात किया करते थे, खासकर तबसे जबसे उसे टाइफाइड हुआ था। पिछले एक हफ्ते से काफी बीमार था। वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। घर में कोई परेशानी नहीं थी, मेरी बेटी भी जॉब करती थी। बुधवार रात को दामाद को फोन किया था, लेकिन बेटी ने उठाया और कहा कि कल (यानी गुरुवार) को दिखाने आ रहे हैं और ब्लड टेस्ट जरूर करवा लेना। दामाद ने एक हफ्ते की छुट्टी ले रखी थी और दोबारा छुट्टी मांगने के लिए वेस्ट विधायक शीतल अंगुराल के दफ्तर पहुंचा था, जिसे मौसेरा जवांई छोड़ने आया था। उसे पवन ने यह कहकर भेज दिया कि तुम दवा लो मैं बात करके आता हूं। उस बंद कमरे में क्या बात हुई, किसी को नहीं पता और कुछ देर बाद दामाद ने खुद को एके-47 से गोली मार ली। आत्महत्या पर शक जताते हुए ससुर ने कहा कि अगर एके-47 से गोली मारी है तो उसका रिस्ट सीना चीर देता पर ऐसी नहीं हुआ, गोली चलने की आवाज भी आसपास के लोगों को नहीं आई और ज्यादा खून बहने से दामाद पवन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उन्होंने ब्लड टेस्ट करवाने के लिए फोन किया तो जवाब मिला कि पवन ने खुद को गोली मार ली है, जिससे उसकी मौत हो गई है और वह तत्काल विधायक के दफ्तर आ जाएं। इस घटना से मेरी बेटी का जीवन बर्बाद हो गया, जिसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी।
पवन की मां का रो रोकर बुरा हाल है, छाती पीट-पीटकर वह सिर्फ एक ही बात कह रही थीं कि मेरा छोटा मेरी झोली बिच पा दियो, तेरे बगैर मैं किद्दां जीवांगी, जे तू नहीं आ सकदा, तां मैंनूं भी नाल ले जा। एक तू ही तो मेरा सहारा था, ऐस खातिर तैनूं पेयो ते भ्रा नाल दुबई नी भेजा। मैनूं कि पता सी कि ए दो पैसे दी नौकरी मेरे पुत्त दी जिंदगी छीन लेवांगी।
विधायक अंगुराल ने गनमैन पवन की मौत पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि उनका गनमैन बहुत ही शांत स्वभाव का और बढ़िया इंसान था। वह अपनी ड्यूटी बहुत ही शांति के साथ करता था, उसने यह कदम क्यों उठाया, इस पर वह भी हैरान हैं? पवन बीमार था, इसलिए उसे आराम करने की बात कहकर अन्य गनमैन के साथ चले गए। पवन ऐसा कदम उठा सकता है सोचा नहीं था। वह बस्तियों में स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर गए थे, जहां कार्यक्रम और शोभायात्रा निकाली जानी थी। विधायक मंदिर में माथा टेकने के बाद शोभायात्रा में शिरकत करने वाले थे, इससे पहले ही पवन की मौत की सूचना मिली।