आईजी फरीदकोट के नाम पर 20 लाख रिश्वत वसूलने का मामला
सवा माह पहले दर्ज केस में एक दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। साढ़े तीन साल पुराने बाबा दयाल दास हत्याकांड में शिकायतकर्ता से तत्कालीन आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव के नाम पर 20 लाख रिश्वत वसूलने के मामले में विजिलेंस द्वारा एक दिन पहले गिरफ्तार तत्कालीन डीएसपी फरीदकोट सुशील कुमार को वीरवार को स्थानीय सीजेएम की अदालत में पेश किया। इस दौरान विजिलेंस ने आरोपी डीएसपी से रिश्वत के पैसे बरामद करवाने समेत केस से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस रिमांड पर सौंपने का आग्रह किया। इस पर दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी डीएसपी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
जानकारी के अनुसार 7 नवंबर 2019 को फरीदकोट जिले के गांव कोटसुखिया में डेरा बाबा हरका दास के प्रमुख बाबा दयाल दास की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें मोगा के संत जरनैल दास समेत अज्ञात लोगों को नामजद किया गया था। इस केस में मुख्य आरोपी जरनैल दास को पुलिस की एक जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट दिए जाने के बाद हत्याकांड के शिकायतकर्ता बाबा गगन दास ने पैरवी शुरू कर दी।
इस मामले में आईजी फरीदकोट प्रदीप कुमार यादव के आदेश पर नए सिरे से जांच कर रही एसआईटी के सदस्य फरीदकोट एसपी गगनेश कुमार, डीएसपी सुशील कुुमार व एसआई खेमचंद पराशर ने मुख्य आरोपी जरनैल दास को दोबारा केस में नामजद करवाने के लिए शिकायतकर्ता से आईजी के नाम पर 50 लाख मांगे और 35 लाख में सौदा करके 20 लाख की वसूली कर ली। रिश्वत वसूलने के बाद भी न्याय नहीं मिला तो बाबा गगन दास ने डीजीपी पंजाब को शिकायत कर दी। उनके आदेश पर डीआईजी फिरोजपुर की अगुवाई वाली एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद तीनों पुलिस अधिकारियों समेत उनके दो सहयोगियों मलकीत दास व जसविंदर सिंह जस्सी ठेकेदार के खिलाफ पिछले माह 2 जून को थाना सदर कोटकपूरा में केस दर्ज हुआ। इस केस की जांच को आगे बढ़ाते हुए विजिलेंस ने डीएसपी सुशील कुमार को गिरफ्तार किया है।
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