जालंधर। स्थानीय सेशन कोर्ट ने प्रसिद्ध गायक गुरदास मान की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। अब गुरदास मान को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। इस दौरान उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रहेगी। गुरदास मान के खिलाफ बुधवार को भी सिख संगत ने रोष प्रदर्शन नारेबाजी की।
डेरा बाबा मुराद शाह में स्टेज से गुरदास मान द्वारा की गई टिप्पणी से सिख संगत में रोष पैदा हो गया। मान के खिलाफ सिख संगत सड़कों पर उतर आई और जालंधर दिल्ली नेशनल हाइवे जाम कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने मान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज कर लिया था। मान की ओर से गिरफ्तारी पर रोक के लिए स्थानीय सेशन कोर्ट में अर्जी दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार को बचाव पक्ष और प्रासिक्यूशन के वकील के बीच बहस हुई। मंगलवार को अदालत ने फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित कर लिया था। बुधवार को अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस का सख्त बंदोबस्त था और सिख संगत अदालत के बाहर पहुंचनी शुरू हो गई थी।
अदालत ने मान की अर्जी खारिज कर दी। जिससे गुरदास मान को गहरा झटका लगा है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सिख संगठनों के वकील परमिंदर सिंह और रविंदर सिंह ने सेशन कोर्ट में कहा था कि मान ने डेरा बाबा मुराद शाह नकोदर मेले में आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने डेरे के गद्दीनशीन लाडी शाह को तीसरी पातशाही श्री गुरु अमरदास जी का वंश बताया, जिससे पंजाब व देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर कोने में रह रही सिख संगत की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस मामले में कहा गया कि गुरदास मान को अग्रिम जमानत मिली तो सिख संगत का रोष बढ़ेगा और इससे पंजाब का माहौल खराब हो सकता है। दलीलों से सहतम होते हुए अदालत ने बुधवार को मान की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी।