पटियाला में गर्मख्याली और शिव सैनिकों के बीच टकराव के बाद केंद्रीय व सूबे की खुफिया एजेंसियों व सुरक्षा अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं। पंजाब में गर्मख्यालियों के समर्थन में खड़े हो रहे युवाओं को लेकर अधिक चिंता बनी है। सबसे संवेदनशील बात है कि अमेरिका में बैठे सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू के आह्वान पर गर्मख्यालियों और उनके साथ युवाओं की फौज खड़ी हो रही है। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में देश विरोधी नारे लिखे गए और बैनर टांगे गए, जो चिंता की बात है। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे और खालिस्तान की मांग ने एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
सिख फॉर जस्टिस के आतंकवादियों ने पंजाब के फतेहगढ़, रूपनगर ,धनौला और राजपुरा में रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए और धमकी दी कि सिख फॉर जस्टिस ने भारतीय जनता पार्टी को धमकी देते हुए कहा कि अगर उनकी होर्डिंग्स हटाने की कोशिश की गई तो दुष्परिणाम भुगतने होंगे। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस के पांच आतंकवादियों गुरपतवंत सिंह पन्नू, जगदीप सिंह और जगजीत सिंह (सभी न्यूयार्क, अमेरिका में रहते हैं) और मोहाली के गुरप्रीत सिंह, जम्मू के हरपुनीत सिंह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया।
सिख फॉर जस्टिस ने लंदन के ट्राफाल्गर स्क्वेयर में रेफरेंडम 2020 की रैली आयोजित की, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियों की नींद उड़ गई। अमृतसर पुलिस ने सिख फॉर जस्टिस के दो आतंकवादियों सुखराज सिंह उर्फ राजू और मलकीत सिंह उर्फ नीतू को गिरफ्तार किया जो रेफरेंडम 2020 के पोस्टर और बैनर टांग रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सिख फॉर जस्टिस ने इन दोनों को आतंकवाद फैलाने के लिए हवाला से दो लाख रुपये भिजवाए थे।
पन्नू का संबंध एक कश्मीरी आतंकवादी संगठन गुलाम नबी फाई के साथ भी पाया गया है। पंजाब में सरकारी कार्यालयों पर खालसा ध्वज व खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे गए, जिससे पंजाब के युवाओं के भीतर खालिस्तान की आवाज को बुलंद किया जा सके। पन्नू की ओर से इसके लिए इनाम राशि भी देने की घोषणा से पंजाब में काफी स्थानों पर लगातार खालिस्तान जिंदाबाद लिखने की घटनाओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मलेरकोटला में भी शुक्रवार को डीसी कार्यालय के बाहर खालिस्तान जिंदाबाद लिखा गया। पंजाब के मोगा में खालिस्तान समर्थक तीन बार खालिस्तान जिंदाबाद का नारा सरकारी कार्यालयों पर लिख चुके हैं। तीन बार झंडा भी फहराया जा चुका है। आरोपियों में पुलिस अधिकारी का बेटा भी शामिल था। पन्नू ने खालिस्तानी झंडा फहराने पर इनाम की घोषणा कर रखी है।
पंजाब पुलिस के रिटायर एडीजीपी आरपी मित्तल का कहना है कि देश की एकता व अखंडता को जो भी संगठन तोड़ने की कोशिश करता है, उसके खिलाफ देश की सुरक्षा एजेंसियों को सख्त होना होगा। खासकर पंजाब के लोगों में तो भाईचारा व प्यार बहुत है और जो शरारती लोग पंजाब में तबाही देखने का सपना देख रहे हैं, उनसे नागरिकों को सचेत रहना होगा। पटियाला वाला घटनाक्रम भी रोका जा सकता था और वहां पर सुरक्षा एजेंसियों की पूरी जानकारी थी, लेकिन फिर भी कोताही बरती गई।