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24 घंटे में सुलझाआढ़ती के बेटे के अगवा होने का मामला

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होशियारपुर/अमृतसर। जिला पुलिस ने स्थानीय सब्जी मंडी से सोमवार सुबह एक आढ़ती लड़के के अपहरण करके दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले को 24 घंटे में ही सुलझा लिया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार यह घटना विदेश में बैठे गिरोह के सरगनाओं के कहने पर हुई। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अमृतसर के अस्पताल में राणा कंडोवालिया की हत्या में शामिल था।
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पुलिस लाइन में एक संवाददाता सम्मेलन में जिला पुलिस प्रमुख अमनीत कौंडल ने कहा कि इस घटना को अमेरिका में रह रहे दरमन काहलों और मलेशिया में रहने वाले सतिंदरपाल सिंह तग्गड़ के इशारे पर अंजाम दिया गया था। अमनीत कौंडल ने कहा कि माउंट व्यू कालोनी होशियारपुर निवासी जसपाल के बेटे राजन (21 वर्ष) को 20 सितंबर को अगवा किया गया था। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने पहले पचास लाख, फिर एक करोड़ और उसके बाद दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाया। एक आरोपी वरिंदरपाल सिंह उर्फ विक्की निवासी चुंग, थाना मेहता (अमृतसर) को गिरफ्तार किया गया। कोंडल के अनुसार यह आरोपी दरमन काहलों के कहने पर फिरौती मांगने आया था। पुलिस ने इस आरोपी को श्री हरगोबिंदपुर नहर के पास से पकड़ा था। जिसके पास बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल, 32 बोर की एक पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए। उन्होंने कहा कि पुलिस के दबाव की वजह से अपहरणकर्ताओं ने सुबह तीन बजे व्यापारी के बेटे राजन को खिलचियां कस्बे (अमृतसर) के पास छोड़ दिया।
वहां से एसपी रविंदरपाल सिंह संधू के नेतृत्व में गई टीम ने उसे सुरक्षित ढंग से घरवालों को सौंप दिया। कोंडल ने कहा कि राजन की कार नसरला रोड स्थित सोनालिका फैक्ट्री से बरामद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी वरिंदरपाल सिंह से पूछताछ में पता चला कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ कंडोवालिया निवासी रणवीर सिंह उर्फ राणा की भी अमृतसर के एक अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस मामले में आरोपी के खिलाफ अमृतसर के मजीठा रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जिसमें गिरफ्तारी लंबित थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह भी पता चला है कि इस गिरोह द्वारा जब भी कोई घटना की जाती थी तो वह अपने साथियों को छिपने के लिए पनाह देता था।
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यह था मामला
सोमवार सुबह करीब पौने पांच बजे बजे राजन अपनी कार से आढ़त पहुंचा था। इसी बीच एक सफेद रंग की कार में 3-4 युवक सवार होकर राजन के पास अपनी कार खड़ी कर जबरन उसका अपहरण करके उसके बेटे की कार ले गए। अपहरणकर्ताओं ने उनके बेटे को रिहा करने के लिए कई फोन नंबरों से पहले 50 लाख रुपये, फिर एक करोड़ और दो करोड़ की मांग की। एसएसपी अमनीत कौंडल ने कहा कि राजन के अपहरण की घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था, जिसके कारण राज्य में रेड अलर्ट के बाद पुलिस ने नाकाबंदी की थी. उन्होंने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए एसपी (जांच) रविंदरपाल सिंह संधू, एसपी मनदीप सिंह, एएसपी तुषार गुप्ता की देखरेख में अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न टीमें गठित की गईं।
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