जालंधर। अवैध खनन की उगाही के 10 करोड़ रुपये मिलने के मामले में 4 मई तक हिरासत में चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी के भांजे भूपेंद्र सिंह उर्फ हनी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। जिस केस पर कोर्ट 30 अप्रैल को फैसला सुनाने वाला था, अब उसमें तारीख पर तारीख पड़ रही हैं। 30 अप्रैल को दो घंटे की लंबी बहस के बाद 2 मई को सुनवाई की तारीख रखी गई थी। सोमवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक बार फिर तारीख आगे बढ़ा दी गई और अब 4 मई को फिर से सुनवाई होगी।
बता दें कि ईडी ने अवैध खनन से जुड़े मामले में पूर्व सीएम चन्नी के नाम पर उगाही के सबूत मिलने पर भांजे भूपिंदर सिंह हनी के ऑफिस में रेड कर 10 करोड़ की नकदी बरामद की थी। हनी ने भी पूछताछ में माना था कि ये खनन की उगाही का पैसा है। फिलहाल हनी 4 मई तक न्यायिक हिरासत में है और जमानत पर अगली सुनवाई भी 4 मई को होनी है। जमानत याचिका पर बचाव पक्ष और प्रवर्तन निदेशालय के वकीलों के बीच सोमवार को तीखी बहस हुई। बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया था कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच पूरी हो चुकी है और उन्होंने जो साक्ष्य जुटाने थे, वह भी जुटा लिए हैं।
ईडी ने अपनी चार्जशीट भी कोर्ट में दायर कर दी है। चार्जशीट दायर होने के बाद अब ट्रायल चलेगा। अब ऐसी कोई संभावना नहीं है कि उनका मुवक्किल जेल से बाहर आकर किसी तरह से साक्ष्यों को प्रभावित कर सके। इसलिए अब उसे जेल में रखना ठीक नहीं है। इस पर ईडी के वकील ने कहा कि अवैध खनन से 325 करोड़ रुपये की काली कमाई की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने एक बार फिर ईडी की ओर से रखे गये साक्ष्यों पर फैसला सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।