पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल निवास के सामने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में कृषि अध्यादेश के खिलाफ संघर्ष तेज होता जा रहा है। किसानों ने साफ कह दिया है कि जब तक अध्यादेश वापस नहीं लिए जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चे के पांचवें दिन कार्यकारिणी के महासचिव हरजिंदर कौर बिंदू और श्रृंगारा सिंह मान ने कहा कि कृषि अध्यादेश रद्द कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानी को बर्बाद करने पर तुली है। केंद्र सरकार हर चीज का निजीकरण कर रही है। मोर्चे में जहां किसान और महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल हो रही हैं। वहीं नौजवान, खेत मजदूर, आरएमपी डॉक्टर, अध्यापक और ठेका मुलाजिमों सहित अलग-अलग वर्गों के लोग जत्थों के रूप में किसानों को समर्थन देने पहुंच रहे हैं।
शनिवार को डीटीएफ (डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट) के नेतृत्व में अध्यापकों के बड़ा जत्था बठिंडा से बादल तक मोटरसाइकिल मार्च निकालकर किसान के मोर्चे में शामिल होने पहुंचा। धरने को नौजवान किसान नेता राजविंदर सिंह, अजयपाल सिंह, अमरजीत सिंह, हरजिंदर सिंह, सतपाल सिंह, हरबंस सिंह, अध्यापक नेता दिगविजय पाल शर्मा, सुखविंदर सुखी, खेत मजदूर नेता काला सिंह आदि ने संबोधित किया।