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पंजाब: पूर्व सीएम चन्नी के भतीजे हनी की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा

Wed, 04 May 2022 05:23 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

अवैध रेत खनन मामले में आरोपी और पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के भतीजे भूपिंदर हनी की जमानत याचिका रद्द हो गई है।
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सीएम चरणजीत चन्नी के साथ भूपिंदर हनी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जालंधर कोर्ट ने पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी को झटका देते हुए जमानत याचिका को रद्द कर दिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हनी के वकीलों ने 20 अप्रैल को जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद 27 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई को ईडी और हनी के वकीलों में तीखी बहस हुई थी और 4 मई को फैसला आना था। 

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जमानत याचिका पर बचाव पक्ष और प्रवर्तन निदेशालय के वकीलों 27 अप्रैल को बहस हुई थी। इसमें बचाव पक्ष ने वकीलों ने तर्क दिया था कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच पूरी हो चुकी है और उन्होंने जो साक्ष्य जुटाने थे, वह भी जुटा लिए हैं। ईडी ने अपनी चार्जशीट भी कोर्ट में दायर कर दी है। चार्जशीट दायर होने के बाद अब ट्रायल चलेगा। अब ऐसी कोई संभावना नहीं है कि उनका मुव्वकिल जेल से बाहर आकर किसी तरह से साक्ष्यों को प्रभावित कर सके। इसलिए अब उसे जेल में रखना ठीक नहीं है, लेकिन पिछली दो सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील कोर्ट पहुंचे थे पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी।

ईडी ने कोर्ट में कहा था कि हनी और उसके साथ संदीप से बरामद हुए 10 करोड़ अवैध खनन की उगाही के ही थे और हनी ने यह बात कबूली थी। पेंच 325 करोड़ रुपये को लेकर फंसा है और ईडी हनी, संदीप, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी व उनके करीबियों के अकाउंट भी खंगाल रही है। उसे बड़े घोटाले के सबूत मिले थे और इसको लेकर पूर्व सीएम चन्नी से भी दो बार पूछताछ कर चुकी है। चन्नी से ईडी से भूपिंदर सिंह हनी के साथ की गई यात्राओं के बारे में सवाल पूछे थे। इसके बाद चन्नी से खुद ट्वीट करके कहा था कि वह ईडी के अधिकारियों के समक्ष पेश हुए थे और उनके सवालों के जवाब दिए थे। ईडी ने कहा कि हनी ने तत्कालीन सीएम चन्नी के नाम पर करोड़ों कमाए हैं और जल्द ही इसका खुलासा होगा। 
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बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पंजाब में कथित अवैध बालू खनन से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में हनी को तीन फरवरी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने 18 जनवरी को हनी और अन्य के खिलाफ छापामारी की कार्रवाई की थी। इस दौरान हनी के ठिकाने से लगभग 7.9 करोड़ रुपये, जबकि उससे जुड़े संदीप कुमार नाम के व्यक्ति के परिसर से लगभग दो करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। 

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