विजिलेंस ने जालंधर देहात के थाना पतारा में तैनात एएसआई को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी की पहचान राम प्रकाश के रूप में हुई है। राम प्रकाश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत थाना विजिलेंस जालंधर में केस दर्ज किया है। आरोपी एएसआई राम प्रकाश को जसवीर सिंह जज निवासी गुरु नानक नगर गांव कंगनीवाल की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
शिकायतकर्ता जसवीर सिंह गांव कंगणीवाल में डेयरी फार्म चलाता है। विजिलेंस प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 13 मई 2022 को थाना पतारा में गुरप्रीत सिंह व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में समझौते के लिए दूसरे पक्ष की ओर से दबाव बनाया जाता रहा। इस बीच गुरप्रीत सिंह और उसका भाई अमनप्रीत सिंह 27 सितंबर 2022 को उनके डेयरी फार्म पर आए और मारपीट की। इसके बाद गुरप्रीत सिंह ने शिकायतकर्ता जसवीर सिंह व उनके लड़के जसतेज सिंह के खिलाफ थाना पतारा में पांच अक्तूबर 2022 को एक फर्जी केस दर्ज करवा दिया।
शिकायतकर्ता के पिता करनैल सिंह ने पोते जसतेज सिंह के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने पर एसएसपी जालंधर (ग्रामीण) और मानवाधिकार आयोग, चंडीगढ़ से शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनका पोता 27 सितंबर 2022 को कॉलेज गया था। मामले की जांच पांच अक्तूबर 2022 को एएसआई राम प्रकाश को सौंपी गई लेकिन उसने केस से जसतेज का नाम निकालने की एवज में दो लाख रुपये मांगे। प्रार्थना करने पर वह 30 हजार रुपये लेने पर मान गया। शिकायत की पड़ताल के बाद विजिलेंस जालंधर टीम ने ट्रैप लगा कर आरोपी एएसआई राम प्रकाश को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते मौके पर काबू कर लिया।