जालंधर देहात पुलिस ने 19 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हरप्रीत और 18 सिख लाइट इन्फेंट्री में तैनात गुरभेज सिंह को गिरफ्तार किया था। हरप्रीत अमृतसर के गांव चीचा और गुरभेज तरनतारन के गांव पूनियां का रहने वाला है। कारगिल में क्लर्क के पद पर तैनात होने की वजह से गुरभेज दोपहर बाद 3 से लेकर शाम 5 बजे के बीच हेडक्वार्टर में बिलकुल अकेला होता था। पहली बार गुरभेज को 50 हजार रुपये मिले तो उसके हौसले बुलंद हो गए। उसने गोपनीय दस्तावेज की अलमारी खोलकर फाइलें निकाली और मोबाइल पर फोटो क्लिक कर अनंतनाग में तैनात हरप्रीत सिंह को भेज दी। यह सिलसिला चार महीने चला।
इस दौरान गुरभेज द्वारा भेजी तमाम फाइलों की फोटो हरप्रीत ने एक एप के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास पहुंचाई। करीब 900 दस्तावेजों को पाक भेज दिया। भारतीय सेना के पास कारगिल में क्या तैयारियां हैं, कहां पर हवाई एयरबेस बने हुए हैं और कौन से नए तैयार हो रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी पाकिस्तान भेज दी। जासूसी के इस धंधे में इनके साथ नशा तस्कर चीचा गांव का रणवीर सिंह जुड़ा हुआ था।
भारत की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण मामला काफी संवेदनशील है। अभी जांच चल रही है। अभी तक यह खुलासा हो चुका है 900 दस्तावेज पाकिस्तान जा चुके हैं। -मनप्रीत सिंह ढिल्लों, एसपी