जालंधर। स्थानीय निकाय विभाग की हिदायत अनुसार नगर निगम में मंगलवार को दूसरा संगत दर्शन सजाया गया। लेकिन संगत दर्शन में अधिकारियों को संगत के दर्शन नहीं हो सके। दो घंटे के संगत दर्शन में दो ही शिकायतें पहुंची। पिछले संगत दर्शन में तीन शिकायतें आई थी। इस बार लगाए गए संगत दर्शन में निगम कमिश्नर की गैरहाजिरी में सहायक निगमायुक्त गुरविन्दर कौर ने लोगों की शिकायतें सुनी। इस दौरान एक शिकायत अबादपुरा में थड़ों को लेकर आई तो दूसरी टीएस-1 फार्म को लेकर निगम के पास पहुंची। अधिकारियों का मानना है कि अभी लोगों को इसके बारे में पता नहीं है इसलिए शिकायतें लेकर नहीं आ रहे हैं।
शिकायत लेकर पहुंचे रणजीत सिंह ने इस संगत दर्शन को महज खानापूर्ति बताया है। उनका कहना है कि पहले तो नगर निगम की तरफ से इस संगत दर्शन की लोगों तक जानकारी मुहैया करवाने के लिए कोई प्रचार नहीं किया गया है। क्षेत्र के पार्षदों ने भी अपने एरिया में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। सहायक निगमायुक्त गुरविन्दर कौर का कहना है कि संगत दर्शन में आने वाली शिकायतों का निपटारा मौके पर ही कर दिया जाता है। इस दौरान लोग अपने क्षेत्र की शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखते हैं। मौके पर ही समूह विंगों के आफिसर उन्हें हल करते हैं। उनके मुताबिक विभाग के निर्देशों के मुताबिक यह संगत दर्शन प्रत्येक माह में दो बार लगाया जाता है। इससे पहले जो संगत दर्शन लगाया गया था, उसमें खुद निगम कमिश्नर विनय बुबलानी लोगों की शिकायतें सुनी थी।