13 मंडल प्रधानों में से एक भी नहीं दिखा
भाजपा महामंत्री के आगे असंगठित नजर आई जिला टीम
टकसाली भाजपा नेता पहले से ही पार्टी कार्यक्रमों से चल रहे नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। जिला स्तर पर भाजपा के संगठनात्मक विकास को लेकर कपूरथला पहुंचे नवनियुक्त प्रदेश भाजपा महामंत्री दयाल सिंह सोढी के सामने जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल की टीम असंगठित नजर आई। 13 मंडल में से कोई भी प्रधान नहीं पहुंचा। यहां तक कि जिला प्रधान के खासमखास के अलावा टकसाली भाजपा नेता भी गायब रहे। एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में समय से करीब 40 मिनट लेट पहुंचे महामंत्री सोढी ने कहा कि उन्हें पार्टी ने दोआबा जोन का प्रभारी नियुक्त किया है। जिसके तहत भाजपा के 11 जिले आते हैं। इन दौरे का मकसद पार्टी का गांव स्तर पर संगठनात्मक संरचना का विकास करना है। अभी तो वह मौजूदा संगठनात्मक ढांचे की जानकारी हासिल करने के पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारी कर ली है। जिसके तहत जनसंपर्क मुहिम शुरू किए गए हैं। भाजपा की बैठक में मंडल प्रधान और कद्दावर चेहरे गायब रहने पर सोढी बोले कि अगले दो माह में सब सही कर दिया जाएगा। उसके बाद यहां पर भाजपा की टीम नए कलेवर में नजर आएगी। मतभेद हैं तो उन्हें दूर करना जिला प्रधान का दायित्व है। अगर ऐसा नहीं कर पाए तो कहीं न कहीं इनकी भी कमी रही होगी। लेकिन अब 2019 लोस चुनाव को लेकर नए तरीके से भाजपा जनता के बीच विकास गाथा लेकर जाएगी। जिले की टीमों में बदलाव के बारे में संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि नवंबर-दिसंबर 2018 में संगठनात्मक चुनाव होंगे। जिसमें कुछ जिलों में बदलाव संभव है।
कैप्टन की वजह से आयुष्मान भारत से बाहर हुआ पंजाब
दिल्ली और पंजाब समेत चार राज्यों के आयुष्मान भारत से बाहर होने के सवाल पर सोढी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की लापरवाही की वजह से पंजाब इस स्कीम से बाहर हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की जनता का 150 करोड़ रुपये का हेल्थ बीमा होना था, लेकिन अब नहीं हो पाएगा। खजाना खाली होने का रोना रोते हुए कैप्टन सरकार 40 प्रतिशत हिस्सेदारी से भाग रही है। आयुष्मान भारत और सूबे में बंद की गई स्कीमों के खिलाफ प्रदेश भाजपा प्रधान श्वेत मलिक के नेतृत्व में 26 जून को काला दिवस मनाया जाएगा और जिला स्तर पर दो घंटे का प्रदर्शन होगा।
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अधीन लाने की बात टाल गए
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर बोले कि यूपीए सरकार के समय पेट्रोल 76 रुपये लीटर था। इसका संबंध इंटरनेशनल मार्केट के क्रूड ऑयल से निर्धारित होता है। पेट्रोल को जीएसटी से बाहर रखने पर कहा कि 70 प्रतिशत स्टेट इसे जीएसटी के अधीन लाने को राजी है, बाकी नहीं। इस वजह से इसे जीएसटी के तहत नहीं लाया सका है। 70 प्रतिशत मैजारिटी पर तो जीएसटी के अधीन लाने की बात पर वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान प्रदेश भाजपा सचिव उमेश शारदा, जिला प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल, जिला महामंत्री मनु धीर, मीडिया प्रभारी राजेश सूरी, पार्षद चेतन सूरी, एडवोकेट चंद्रशेेखर, रणजीत सिंह मठारू, जगदीश शर्मा, ओमप्रकाश चावला, अशोक माहल, कपूर चंद थापर, मधु सूद मौजूद थे।