दो माह से परिवार को बेटे के शव का इंतजार
फ्रांस में नशे की ओवरडोज से मरने वालों में एक भुलत्थ के गांव कमरावां का
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
फ्रांस में नशे की ओवरडोज से मारने वाले पंजाब के चार युवाओं में एक युवक हरजिंदर सिंह भुलत्थ कस्बे के गांव कमरांवा का है। पहले ही जवां बेटे की मौत से जहां परिवार करीब दो माह से सदमे में है, वहीं तब से ही मृतक बेटे का शव वापस लाने के लिए बूढ़े पिता जद्दोजहद कर रहे हैं कि आखिरी बार अपने बेटे का मुंह तो देख लें।
मृतक हरजिंदर सिंह के पिता स्वर्ण सिंह व भाई जसविंदर सिंह ने बताया कि 32 वर्षीय हरजिंदर सिंह करीब छह साल पहले कामकाज की तलाश में फ्रांस गया था। लेकिन वहां पर उसके खाफ काम न मिलने से सफलता नहीं मिली। पिछले कुछ समय से वह फ्रांस में बिल्कुल खाली था, उसके पास कोई काम नहीं था। इसी बीच उन्हें उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत का समाचार आया, जिसे बाद में नशे की ओवरडोज से हुई मौत बताया गया। बूढ़े पिता स्वर्ण सिंह ने बताया कि हरजिंदर चार भाई-बहन हैँ। वह विदेश गया तो अपने परिवार के सुनहरे भविष्य लेकर था, लेकिन उसकी मौत की खबर ने बूढ़े कंधों पर बोझ डाल दिया। रोते हुए स्वर्ण सिंह ने बताया कि हरजिंदर का विवाह 2009 में चरणजीत कौर के साथ हुआ था। उसके परिजनों के अनुसार उन्हें यह साफ नहीं की उसकी मौत का सही कारण ठंड है या फिर नशा, लेकिन उन्होंने यह जरूर माना कि हरजिंदर जब यहां (भारत) शराब का सेवन करता था। हरजिंदर की मौत के बाद उसके परिवार का दुख इसलिए भी पहाड़ बन गया है, क्योंकि 18 नवंबर 2017 को हरजिंदर की मौत हुई, लेकिन उसकी मृत देह को भारत लाकर देखने के लिए भी परिवार को संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग है कि हरजिंदर की मृतक देह भारत लाने में केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय मदद करे, जिससे वह आखिरी बार तो अपने बेटे का मुंह देख सकें। भुलत्थ से आप विधयाक और नेता विपक्ष सुखपाल खैरा ने हरजिंदर की मौत पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि विदेशों में पंजाबी युवाओं की इस दुर्दशा के लिए अप्रत्यक्ष रूप से भारत और पंजाब सरकार जिम्मेवार है, क्योंकि दोनों सरकारें ही युवाओं को रोजगार देने इन नाकाम रही है। वहीं फ्रांस की ऑररडॉन मानवाधिकार संस्था के प्रतिनिधि इकबाल सिंह भट्टी ने कहा कि फ्रांस में ऐसी घटनाएं बढ़ रही है, जिसकी मुख्य वजह ज्यादातर भारतीय युवाओं के गैर-कानूनी ढंग से रहना है। ऐसे में उनको काम न मिलने के कारण वह नशे जैसी बुरी आदतों में फंस जाते हैं।