पूर्व वीसी की गिरफ्तारी से आरएसएस का चेहरा बेनकाब हुआ: बसपा
कहा-संघ नेता शिक्षा संस्थानों पर कब्जे कर अपने वारे न्यारे कर रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
पीटीयू के पूर्व वीसी रजनीश अरोड़ा की गिरफ्तारी और इस घालमेल में आरएसएस के नेताओं के बच्चों के शरीक होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रदेश बसपा प्रधान रशपाल राजू ने कहा कि आरएसएस का चेहरा बेनकाब हो गया है। संघ के नेता इसलिए ही शिक्षा संस्थानों पर अपना वर्चस्व बना रहे हैं, ताकि वहां अपने ही नेताओं के बच्चों को तैनात कर सकें और मोटा माल कमा सकें।
रशपाल राजू ने कहा कि संघ देश में हिंदुत्व का एजेंडा लेकर चल रहा है। लेकिन उनकी असलियत पीटीयू में एक के बाद एक उतर रही परत ने जनता के बीच ला दी है। राजू ने कहा कि इस बात की जांच भी होनी चाहिए कि पीटीयू में रजनीश के कार्यकाल में किन कंपनियों को प्रिंटिंग के अलावा अन्य ठेके दिये गए। एक-एक रुपये का हिसाब जनता के बीच लाया जाना चाहिए। यह लोगों का पैसा है, जिसको हिंदुत्व का ठेका लेने वाले नेता हजम कर रहे हैं।
राजू ने कहा कि संघ नेताओं को शिक्षा संस्थानों पर बैठाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। रजनीश अरोड़ा का अतीत भी आरएसएस से जुड़ा हुआ है, वह कई वर्षों तक आदिवासी बस्तियों में मिशनरी के तौर पर कार्य करते रहे हैं। उन्होंने ही सारे संघ नेताओं को लूट करने का लाइसेंस पीटीयू में जारी किया।