परिजनों ने नहीं करवाया पोस्टमार्टम, इलाके और घर में मची चीख-पुकार
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। अलावलपुर के डिजकोट खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं के छात्र गुरप्रीत (15) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके व उसके में घर में चीख-पुकार मच गई। वहीं इस बात पर चर्चा भी हो रही है कि इतनी कम उम्र में एक बच्चे को हार्ट अटैक कैसे आ सकता है। लेकिन जिस तरह से उस बच्चे का निधन हुआ है, उससे ऐसा ही लग रहा है कि यह एक साइलेंट हार्ट अटैक का मामला ही है। दरअसल, 11वीं का छात्र गुरप्रीत जब प्रार्थना सभा के बाद कक्षा में जा रहा था तो वह अचानक गिर गया। स्कूल प्रबंधक ने उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरी जांच के दौरान यह ही कहा गया है कि छात्र की मौत साइलेंट हार्ट अटैक के कारण हुई है। हैरानी की बात तो यह है कि इसी दिन पिछले साल गुरप्रीत के पिता जसविंदर पाल की भी मृत्यु आदमपुर में बस में हार्ट अटैक से हुई थी। फिलहाल घर के इकलौते चिराग गुरप्रीत का उसके घर वालों ने पोस्टमार्टम नहीं करवाया है। अलावलपुर चौंकी इंचार्ज बलबीर सिंह ने कहा कि बच्चे के घर वालों ने पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया था। घर वालों के कहने के अनुसार आगे की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण जन्मजात भी - डॉ. चावला
एक छोटे से बच्चे को हार्ट अटैक आने के बारे में हार्ट विशेषज्ञ डाॅ. रमन चावला का कहना है कि हार्ट अटैक का ज्यादातर कारण दिल की धड़कन का तेज होना या बंद होना होता है। एक बच्चे को हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण जन्मजात भी हो सकता है। कईं मामलों में परिवार के सभी सदस्यों में धड़कन के तेज होने की समस्या होती है। इंसान के शरीर में कुछ सेल ऐसे होते हैं जो धड़कन बढ़ाते व घटाते हैं। यह सेल खराब होते हैं, जिसके कारण धड़कन तेज होने से साइलेंट अटैक आ जाता है। इसी कारण किसी भी उम्र में मृत्यु हो सकती है।