2019 विधानसभा के उपचुनाव में चार में से तीन सीटें सत्तापक्ष के हाथ लगी थीं। उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। फगवाड़ा, मुकेरियां, जलालाबाद विधानसभा चुनाव उपचुनाव के नतीजे भी सत्तापक्ष के ही पक्ष में रहे थे। फगवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस के बलविंदर सिंह धालीवाल ने 49,215, मुकेरियां में इंदू बाला ने 53,910 मत व जलालाबाद में रमिंदर सिंह ने 76,098 मत हासिल करके जीत दर्ज की थी। केवल दाखा विधानसभा सीट पर ही उपचुनाव में शिअद प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली ने 66,297 मत हासिल करके जीत दर्ज की थी। 2018 शाहकोट उपचुनाव में भी सत्तापक्ष का दबदबा बरकरार रहा था। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरदेव सिंह 51,661 मत लेकर विजय रहे थे।
इसी तरह 2013, 2014, 2015 व 2016 में हुए उपचुनाव के नतीजे भी राज्य की सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में रहे थे। 2013 में अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़कर जोगिंदरपाल जैन ने मोगा से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2014 उपचुनाव में तलवंडी साबो की सीट पर भी शिअद के कैप्टन जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू ने 71,747 मत हासिल करके बड़ी जीत दर्ज की थी। इसी तरह 2015 में धूरी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी शिअद के गोबिंद लोंगोवाल व 2016 खडूर साहिब सीट पर हुए उपचुनाव में अकाली दल के रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा विजय रहे थे। हालांकि, इससे पहले भी हुए उप चुनावों के नतीजे कई बार सत्तापक्ष के पक्ष में रहे, जबकि कुछ चुनावों में सत्तापक्ष को हार भी झेलनी पड़ी है।