जलालाबाद में हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों को भारत-पाक हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांवों व ममदोट के गांवों से मिलीं तमाम जानकारियां चौंकाने वाली हैं। युवा रुपयों के लालच में आकर हेरोइन की तस्करी के साथ पाक से मौत का सामान भी भारत में ला रहे हैं। इस विस्फोटक सामग्री से पंजाब में दहशत फैलाई जा रही है।
सीमांत गांवों के युवाओं को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपने तस्करों के माध्यम संपर्क में ले लिया है। शुक्रवार को जल्लोके व चांदीवाला गांव से तीन लोगों को सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस ने जलालाबाद धमाके बाद ममदोट के गांव बैंके वाले झुग्गे से बुधवार शाम युवा दरवेश सिंह के पास से दो हैंड ग्रेनेड, दो पिस्टल, दस कारतूस व दो मैगजीन बरामद की है, जिसे आरोपी ने खेत में लगे ट्यूबवेल वाली जगह जमीन में दबाकर रखी थी।
जलालाबाद में विस्फोट में मरे बलविंदर सिंह निवासी निहंगे वाला झुग्गे व वारदात के बाद भागे सुक्खा सिंह निवासी चांदी वाला फिरोजपुर के भी आईएसआई के संपर्क में होने की चर्चा है, क्योंकि सुक्खा बहुत गरीब परिवार से संबंधित है और थोड़े ही दिनों में बढ़िया मकान के साथ सभी जरूरतों का सामान घर पर उपलब्ध होने की बात कही जा रही है।
शुक्रवार को सुबह साढ़े छह बजे सुरक्षा एजेंसियां फिरोजपुर के सीमांत गांव जल्लोके व चांदीवाला से तीन लोगों को पूछताछ वास्ते उठाकर ले गई है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि सीमांत गांवों के ज्यादातर युवा तस्करी से जुड़े हैं, जिनका रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है। इनके पास पाक मोबाइल सिम कार्ड भी मौजूद हैं।
पाक मोबाइल कंपनी का सिग्नल सरहद पर बहुत अधिक है। इसीलिए ये लोग पाक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पाक तस्करों से बातचीत कर मादक पदार्थ के अलावा असलहा भी मंगवा लेते हैं। जो आगे गैंगस्टरों को बेचकर मोटी कमाई करते हैं। आशंका है कि बलविंदर और सुक्खा जलालाबाद की सब्जी मंडी में विस्फोट करने की तैयारी में था, क्योंकि ये मंडी रात के समय खचाखच भरी रहती है। ममदोट में दरवेश से विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सक्रिय हो गई हैं।