पठानकोट में शुक्रवार दोपहर पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे स्थित डमटाल पहाड़ी से गिरे मलबे के साथ एक हैंड ग्रेनेड भी सड़क पर आ गिरा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने हाईवे की एक लेन को बंद करवाकर ग्रेनेड के आसपास सुरक्षा दीवार बना दी है।
ग्रेनेड पुराना बताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के थाना डमटाल की पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, सेना को उक्त ग्रेनेड की सूचना देकर बाद दोपहर इसके उनके हवाले कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को पठानकोट में हुई तेज बरसात के बाद डमटाल पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ गिरा।
एनएचएआई को सूचना दी गई तो उनकी टीम जेसीबी सहित सड़क से मलबा हटाने पहुंची। जैसे ही जेसीबी ऑपरेटर ने मलबा हटाना शुरू किया तो साथ आए कर्मचारियों को मलबे में ग्रेनेड दिखाई दिया।
ग्रेनेड की सुरक्षा पिन निकली थी
कई साल पहले आतंकवादियों ने डमटाल पहाड़ियों से सेना के जवानों पर हमला किया था। दो साल पहले भी एक पुराना ग्रेनेड इसी जगह से मिला था। थाना डमटाल प्रभारी ने बताया कि उक्त ग्रेनेड की सुरक्षा पिन निकली हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि यह ग्रेनेड उन्हीं आतंकवादियों का हो सकता है। इस संबंधी सेना को सूचना दी गई है। जब तक सेना ग्रेनेड को डिफ्यूज करने के लिए नहीं ले जाती, तब तक इसे सुरक्षा दीवार में रखकर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है।
पुलिस और बीएसएफ के 300 जवानों ने चलाया सर्च अभियान
भारत-पाक सीमा से सटे बमियाल सेक्टर में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। शुक्रवार सुबह चार बजे भारी पुलिस बल और बीएसफ ने सीमांत क्षेत्र में डेरा डाल लिया। इस दौरान चार घंटे तक विशेष सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान एसपी रैंक के 2, डीएसपी रैंक के चार अधिकारी एवं चार पुलिस थाना अधिकारियों के अलावा 300 जवान शामिल रहे।
जवानों ने खेत, नदी-नाले, गुज्जरों के डेरे एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में जांच की। हालांकि इस दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से भी सटा है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर 15 अगस्त को लेकर चौकस रहने के इनपुट जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। आईजी लॉ एंड आर्डर नौनिहाल सिंह ने पुलिस नाकों की बारीकी से जांच की। उनके साथ एसएसपी पठानकोट भी मौजूद रहे।