पंजाब के पठानकोट-जेएंडके बॉर्डर पर रावि दरिया से सटे गांव चकराल में गत देर रात लोगों ने एक बार 6 संदिग्धों को देखा है। सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और घातक कमांडो सुबह से ही सर्च कर रहे हैं। पठानकोट में सीमांत क्षेत्र में संदिग्धों का देखे जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। तीन दिनों में दोबारा संदिग्ध देखे जाने पर लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
दूसरी तरफ, इसी गांव में उसी रात एक अन्य व्यक्ति ने दो संदिग्ध व्यक्तियों के देखे जाने की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद रात को ही पुलिस ने यहां जांच शुरू कर दी थई। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी क्षेत्र में पूरी तरह मुस्तैद हैं। संदिग्ध देखने वाले लोगों से लगातार पूछताछ भी जारी है। जेएंडके में लगातार आतंकी घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे पठानकोट अति संवेदनशील होने के चलते अलर्ट पर रखा गया है।
पांव के निशान भी मिले, खोजी कुत्ते भी कर रहे तलाश
जिन दो युवकों ने गांव के खेतों पास चार संदिग्धों को देखा है वहां पांव के निशान भी सुरक्षा एजेंसियों को मिले है। दूसरी तरफ खोजी कुत्तों से पांव के निशान जरिए संदिग्धों के रूट का पता लगाया जा रहा है। पांव के निशान के अलावा संदिग्धों का कोई ओर सुराग एजेंसियों को नहीं मिला। समय-समय पर ड्रोन के माध्यम से भी घने जंगली क्षेत्र में सर्च की जा रही है। पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारी भी जिला पुलिस के साथ बैठक और संपर्क कर रहें है।
खंगाला 16 किलोमीटर का एरिया
डीएसपी रूरल मनिंदर थापर ने कहा कि क्षेत्र में संदिग्ध देखे जाने के बाद से लगातार पुलिस नाकाबंदी करके वाहनों की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। मार्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध देखे जाने की सूचना पुलिस को वीरवार रात लगभग 10 बजे मिली, जिसके बाद सिक्योरिटी फोर्स ने बड़े स्तर पर सर्च अभियान भी चलाया है। गुज्जरों के डेरे समेत 16 किलोमीटर रावि दरिया और अन्य सुनसान जगह को खंगाला गया है। वहीं, मोबाइल एप के जरिए अनजान लोगों की बॉर्डर क्षेत्र में पहचान कर उनके आईडी प्रूफ भी जांचे गए हैं। किसी भी तरह का कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला है।