मलिक के निवास के सामने से हटाया किसानों ने धरना
किसान जत्थे के सोमवार को अमृतसर पहुंचने के बाद किसानों ने राज्यसभा सदस्य व भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रधान श्वेत मलिक के निवास के सामने लगाए धरने को हटा लिया। किसान नौजवान संघर्ष कमेटी के प्रदेश प्रधान बचित्तर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने पिछले एक साल से ज्यादा समय से श्वेत मलिक की रिहायश के सामने कोर्ट रोड पर धरना लगा रखा था। किसान नेता बचित्तर सिंह ने बताया कि किसान जत्थेबंदियों के नेताओं से विचार-विमर्श के बाद धरना हटाने का फैसला किया है।
एसजीपीसी ने किसान आंदोलन की जीत के शुक्राने के तौर पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले
एसजीपीसी की ओर से किसान आंदोलन की जीत के शुक्राने के तौर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के साथ संबंधित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इसके बाद करवाए विशेष समागम में एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी सहित कमेटी के अन्य सदस्यों और अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों के नेताओं ने हाजिरी भरी।
एसजीपीसी ने किसान आंदोलन में हिस्सा लेने वाले संयुक्त किसान मोर्चे की किसान जत्थेबंदियों के नेताओं को सम्मानित किया। इससे पहले एडवोकेट धामी ने किसान नेताओं का श्री हरमंदिर साहिब के सामने बने प्लाजा में स्वागत किया। इस अवसर पर एसजीपीसी के प्रधान ने कहा कि गुरु साहिब जी की अपार कृपा से किसान आंदोलन को जीत मिली है। यह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बख्शीश है कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर देश के प्रधानमंत्री ने तीन कृषि कानून वापस लेने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में इतिहास को दोबारा जिंदा किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने अपने छोटे भाई होने का सबूत देते हुए हर मुश्किल घड़ी में डट कर मुकाबला किया। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान मोर्चे के दौरान कई मुश्किलें आईं लेकिन परमात्मा के आशीर्वाद से उन्हें इसमें सफलता मिली। उन्होंने किसान जत्थेबंदियों के नेताओं को सम्मानित करने के लिए एसजीपीसी का धन्यवाद भी किया। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि किसानी मोर्चे की जीत के बाद वे श्री दरबार साहिब में शुक्राना करके घर लौटेंगे।
किसान देश की रीढ़ की हड्डी, जीत के पीछे श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षा: बब्बू मान
किसान आंदोलन की जीत के बाद पंजाबी सिंगर बब्बू मान भी सोमवार को श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। इस अवसर पर जहां उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ की हड्डी बताया, वहीं किसान आंदोलन में मिली जीत को श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर चलना बताया। उन्होंने किसानों को जीत पर बधाई देते हुए कहा कि अब वे सरकार को कोसना बंद कर दें। किसान मोर्चे फतेह करने के बाद किसान घरों को लौट चुके हैं। किसान आंदोलन की जीत का आनंद मानें और यह कहना बंद कर दें कि सरकार को नीचा दिखाया या फिर सरकार ने उनके आगे घुटने टेक दिए। सरकार ने अपनी गलती मान ली और इस गलती के लिए माफी भी। तो ऐसे में हमें सरकार को कोसना अब बंद कर देना चाहिए।
किसानी जत्थों का रायकोट में जोरदार स्वागत
रायकोट के गांव बुर्ज नकली मे एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। किसान जत्थे के स्वागत के लिये रायकोट की दाना मंडी मे पहुंची ग्राम पंचायत, सहकारी सभा की टीम और गांव वासियों ने फूलों की बारिश की। सभी को सिरोपा देकर सम्मानित किया। इसके बाद एक विशाल काफिले के रूप मे उन्हें गांव ले जाया गया। काफिले मे मौजूद महिलाओं और बच्चों का जोश देखते ही बन रहा था। आकाश तक गूंजते नारे और गीत संगीत ने सब में जोश भरने का काम किया। गांव पहुंचने पर जत्थे का ऐतिहासिक सम्मान किया गया। 380 से अधिक दिन मोर्चे पर डटकर हर मुसीबत का सामना करने वाले आंदोलनकारी किसानों मजदूरों ने बताया कि संघर्ष मे बेशक सभी का योगदान अतुल्य है। विदेश मे बसे एनआरआई परिवारों ने जो सहयोग दिया है उसे हमेशा याद रखा जाएगा।