पंजाब में कोटकपूरा गोलीकांड की एसआईटी जांच रिपोर्ट रद्द करने पर घमासान मचा हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब फरीदकोट के अतिरिक्त जिला व सेशन जज हरबंस सिंह लेखी की अदालत ने मंगलवार को कोटकपूरा गोलीकांड केस की फाइल बंद कर दी। यह कार्यवाही कोटकपूरा गोलीकांड केस में कुछ दिन पहले पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी की जांच रिपोर्ट रद्द करने के फैसले के आधार पर की गई है।
जिला अदालत में केस फाइल बंद होने से इस केस में चार्जशीट किए गए राज्य के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व अकाली विधायक मनतार सिंह बराड़ समेत 7 लोगों को बड़ी राहत मिली है।
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में जांच के आधार पर एसआईटी ने 7 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और इनके खिलाफ शुरू हुए ट्रायल के तहत मंगलवार को अतिरिक्त सेशन जज की अदालत में सुनवाई होनी थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील गुरसाहिब सिंह बराड़ ने जिला अदालत को हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीती 9 अप्रैल को इस केस की जांच रिपोर्ट रद्द कर दी गई है और 23 अप्रैल को इस बारे में दिए 89 पेज के फैसले को सार्वजनिक कर दिया गया है। इस आधार पर बचाव पक्ष ने जिला अदालत से केस फाइल को बंद करने की मांग रखी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
जिला अदालत ने केस फाइल बंद करने के साथ ही एसआईटी की तरफ से चार्जशीट किए गए पूर्व डीजीपी, निलंबित आईजी, पूर्व अकाली विधायक समेत पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा, तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह पन्नू, तत्कालीन डीएसपी बलजीत सिंह व थाना सिटी एसएचओ रहे गुरदीप सिंह को फिलहाल आजाद कर दिया है। मालूम हो कि कोटकपूरा गोलीकांड केस में एसआईटी की तरफ से कुल चार चालान पेश किए गए थे। हाईकोर्ट की ओर से जांच रिपोर्ट रद्द किए जाने से कानून के मुताबिक ये चालान भी रद्द माने जाते हैं।
बहिबल गोलीकांड की सुनवाई 18 मई तक स्थगित
बहिबल गोलीकांड केस की भी अतिरिक्त जिला व सेशन जज की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने जानकारी दी कि इस मामले में एसआईटी की जांच को हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है, जिस पर 13 मई को कोई फैसला आने के आसार है। इसके बाद जिला अदालत ने इस मामले की सुनवाई को 18 मई तक स्थगित कर दिया। मालूम हो कि इस केस में भी पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी समेत कुल 7 आरोपी चार्जशीट किए गए हैं।