पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोगा में पटवारी सहित दो लोगों के खिलाफ एक करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में केस दर्ज किया है। पटवारी समेत दो अन्य आरोपियों ने सरकारी जमीन का फर्जी इंतकाल करवाया और मुआवजे की राशि हड़प ली।
पंजाब के मोगा में एक पटवारी का करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोगा के राजस्व हलका किशनपुरा कलां में तैनात पटवारी नवदीप सिंह और गांव अदरामन निवासी दिलखुश कुमारी और गांव रसूलपुर निवासी हरमिंदर सिंह उर्फ गगन के खिलाफ सरकारी जमीन का फर्जी इंतकाल तैयार कर एक करोड़ का मुआवजा हड़पने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
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राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि गांव अदरामन, तहसील धर्मकोट में स्थित पंजाब सरकार के पुनर्वास विभाग की जमीन फर्जी ढंग से दिलखुश कुमारी के नाम पर तब्दील करके उसके नाम पर इंतकाल दर्ज करवा दिया गया। इस इंतकाल पर छिंदा पटवारी के दस्तखत थे, जबकि वह तहसील धर्मकोट के गांव रेडवां के संबंधित राजस्व हलका में तैनात नहीं था और साल 2021 दौरान उसकी मौत हो गई थी।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के दौरान तहसील धर्मकोट में तैनात तत्कालीन कानूनगो और नायब तहसीलदार ने बयान रिकॉर्ड करवाए हैं कि उनकी तरफ से उक्त जमीन के इस तबादले पर दस्तखत नहीं किए गए थे जिसके उपरांत यह तबादला शक्की पाया गया। इस जमीन में से कुछ क्षेत्र राष्ट्रीय मार्ग बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया था और दिलखुश ने 18,53,661 रुपये और 82,12,063 रुपये का मुआवजा हासिल कर लिया था।
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जांच में पता चला कि जमीन की मूल्यांकन रिपोर्ट और इसका ए-रोल उक्त पटवारी नवदीप सिंह ने तैयार किया था। पटवारी नवदीप सिंह ने दिलखुश कुमारी को यह दिलवाने के लिए हरमिंदर सिंह उर्फ गगन के साथ मिलीभगत की थी। आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस थाना फिरोजपुर रेंज में मामला दर्ज कर लिया गया है।