जिला फाजिल्का के सत्र न्यायाधीश कुलजीत पाल सिंह की अदालत ने एक अहम फैसले में पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी सेना के एक कैप्टन को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार अबोहर के फाजिल्का रोड स्थित सैनिक छावनी में तैनात बिहार रेजीमेंट के कैप्टन संदीप तोमर की नवविवाहित श्वेता सिंह ने पिछले साल 9 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी। श्वेता का पैतृक गांव गाजीपुर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में है।
पुलिस को दिए अपने बयानों में मृतका के पिता रामनरेश सिंह ने बताया था कि 12 फरवरी 2013 को उन्हाेंने अपनी बेटी श्वेता सिंह का विवाह कानपुर में तैनात बिहार रेजीमेंट के कैप्टन संदीप तोमर के साथ किया था। लेकिन विवाह के बाद से ही संदीप सहित श्वेता के सास व ससुर उसे डस्टर कार और कानपुर का एक प्लाट उनके नाम करवाने को लेकर परेशान कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसकी बेटी श्वेता सिंह से मारपीट भी की जाती थी। इसी दौरान संदीप सिंह का तबादला कानपुर से अबोहर हो गया।
यहां भी श्वेता से मारपीट जारी रही। रामनरेश के अनुसार संदीप सिंह सहित सास व ससुर की प्रताड़ना से दुखी होकर ही उनकी बेटी ने आत्महत्या की। पुलिस ने रामनरेश सिंह के बयानों के आधार पर मृतका के पति संदीप तोमर, ससुर मंगल सिंह और सास पदमा तोमर के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान अदालत में पेश किया। एक वर्ष तक चली मामले की सुनवाई में अदालत ने संदीप तोमर को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।