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यूक्रेन-रूस युद्ध: पोलैंड बॉर्डर में हफ्ते से फंसा सुनाम का धीरज पहुंचा घर, पिता ने जताया सरकार का आभार

Thu, 03 Mar 2022 05:00 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)

सार

24 फरवरी से धीरज वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था लेकिन पोलैंड बॉर्डर पर उसे, सैकडों छात्रों के साथ एक सप्ताह तक रुकना पड़ा। वहां के खौफनाक मंजर को देख कर सभी छात्रों का हौसला टूट रहा था लेकिन परिजनों की ओर से लगातार ढांढस बंधाने और संयम रखने के चलते इन विकट परिस्थियों से निपट सके।
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धीरज से मिलकर भावुक हुईं मां और बहनें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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यूक्रेन में पोलैंड बॉर्डर पर पिछले आठ दिनों से फंसा सुनाम का धीरज वर्मा आखिरकार देश लौट आया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी मां लवली वर्मा और बहनें धीरज को देख भावुक हो उठीं। मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। यूक्रेन में रूस के हमले से बने नाजुक हालात की वजह से धीरज समेत सैंकडों छात्र सहमे हुए थे। 

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24 फरवरी से धीरज वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था लेकिन पोलैंड बॉर्डर पर उसे, सैकडों छात्रों के साथ एक सप्ताह तक रुकना पड़ा। वहां के खौफनाक मंजर को देख कर सभी छात्रों का हौसला टूट रहा था लेकिन परिजनों की ओर से लगातार ढांढस बंधाने और संयम रखने के चलते इन विकट परिस्थियों से निपट सके। यहां फंसे छात्र न तो सो पाए और न ही खाना खा पाए। पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने के लिए छात्रों को तीस किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था।

सुनाम में अपने बेटे के पहुंचने का इंतजार कर रहे धीरज के पिता एडवोकेट सुखविंदर वर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने छात्रों की पूरी मदद की है और सरकार ही छात्रों को देश वापस ला रही है। उन्होंने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि धीरज, यूक्रेन में टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहा है। रूस के हमले के बाद वहां दहशत का माहौल है। उनका बेटा भी एक दिन बंकर में रहा है।
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