हत्या के बाद परिजनों ने लगाया जाम
सोनू का शव लेने के बाद परिजनों ने सीमावर्ती गांव गरामौरा में मनाली मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। दोपहर में लगभग 1:30 बजे जाम लगाया और एक घंटे 20 मिनट तक सड़क को बंद रखा। इस बीच वहां डीएसपी (मुख्यालय) राजकुमार ने पहुंचकर परिजनों से संवेदना प्रकट की और आश्वासन दिया कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद परिजनों ने जाम खोला और गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब कीरतपुर साहिब के निकट बने अस्त घाट में मृतक सोनू का अंतिम संस्कार किया।
2013 में हत्या के बाद शुरू हुई थी गैंगवार
साल 2013 में दलजीत सिंह उर्फ कक्कड़ निवासी मंगेवाल थाना श्री आनंदपुर साहिब ने अपने साथियों के साथ मिलकर नरेश कुमार उर्फ गुट्टी का कत्ल कर दिया था। इसके बाद दो गुटों में लगातार छोटी बड़ी झड़पें होती रही हैं। अपनी-अपनी गैंग का दबदबा बनाने के लिए कई बार ये गुट भिड़ते रहते हैं। सोमवार देर रात भी रोहित ने अपने मामा को बुलाया लेकिन सामने वाले युवकों ने उसकी तेजधार हथियारों से काटकर हत्या कर दी।
चार आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस ने जानकारी दी है कि चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। वहीं परिजनों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अन्य आरोपियों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो दोबारा से मार्ग जाम करेंगे। बता दें कि हत्या के बाद गांव के ही तीन युवक और एक पड़ोसी गांव के युवक ने पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले गांव बेहल में सोनू की लड़ाई हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय ठंडे बस्ते में डाल दिया। अगर इस मामले पर कार्रवाई की गई होती तो यह हत्याकांड न होता।