गुरदासपुर में फायरिंग के बाद भड़के लोगों ने शिवसेना नेता की मोपेड को आग लगाई
गुरदासपुर के गांव गुन्नोपुर में शुक्रवार देर शाम शिवसेना के तथाकथित नेता ने कुछ युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। गनीमत यह रही है कि फायरिंग से युवक बाल-बाल बच गए। इसके बाद आक्रोश में आए गांव के लोगों ने शिवसेना नेता और उसके पिता को दुकान में बंद करने के बाद उनकी मोपेड को आग लगा दी। वहीं घटना की जानकारी मिलने पर चार थानों की पुलिस पार्टी और पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों के चंगुल से नेता और उसके पिता को छुड़ाने के बाद थाने ले आए। इसके बाद दोनों बाप-बेटे के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार देर शाम प्रदीप कुमार अपने पिता नरेश कुमार की दुकान पर शराब पी रहा था। इसी दौरान प्रदीप की कुछ युवकों के साथ तकरार हो गई। इस दौरान तैश में आए प्रदीप कुमार ने अपने लाइसेंसी असलहा के साथ युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, लेकिन युवक बाल-बाल बच गए। इसके बाद भड़के हुए लोगों ने शिवसेना नेता और उसके पिता को उसकी दुकान पर ही घेर लिया। उधर घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी मेजर सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी पहुंची। लेकिन तब तक माहौल बहुत गर्म हो चुका था। माहौल को तनावपूर्ण होता देख थाना भैणी मियां खां के अलावा थाना काहनूवान, थाना धारीवाल और थाना पुरानाशाला की पुलिस के अलावा एसपी डी गुरदासपुर डॉ. मुकेश कुमार, हलका डीएसपी कुलविंदर सिंह विर्क और डीएसपी नागरा भी पुलिस पार्टी सहित गांव में पहुंचे। इसी बीच पुलिस और लोगों में धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से उक्त नेता और उसके पिता को हिरासत में लेकर थाने में पहुंचाया।
उधर हलका डीएसपी कुलविंदर सिंह और एसएचओ मेजर सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार पर पहले भी धारा 307, 306, 420, 25, 26, 54, 59 और कई तरह के संगीन धाराओं के तहत मामले विभिन्न थानों में दर्ज थे। अब शिकायतकर्ता के आधार पर प्रदीप कुमार के खिलाफ धारा 307, 25, 27, 54, 59 और 34 आईपीएस के तहत मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसके खिलाफ थाना बहरामपुर में भी 307 और थाना धारीवाल में 306 का मामला दर्ज है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच जरूर करेगी कि संगीन अपराधों में संलिप्त इस व्यक्ति के जेल जाने के बाद जमानत पर रिहा है, इसका असलहा कैसे रिन्यू किया गया है, के बारे में भी गंभीरता से जांच चल रही है।