पंजाब के फाजिल्का में गांव नुकेरिया में नकली विजिलेंस अधिकारी बनकर कुछ लोग एक सुनार के 31 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। आरोपियों से सुनार का साला भी मिला हुआ था। थाना अरनी वाला पुलिस ने पीड़ित के बयान पर उसके साले समेत 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना के रहने वाले संदीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसकी लुधियाना में सराफा बाजार में ए एस ज्वेलर्स नाम से दुकान है। 28 अप्रैल को वह अपनी जालंधर स्थित ससुराल गया था। वहां उसके साले सौरव जैरथ ने उसे कहा कि उसकी जालंधर में रहने वाले शेर सिंह, उसके साले सनी और उनके दोस्त लक्की व सैनी से अच्छी जान पहचान है। वे सभी फाजिल्का में सोने के व्यापारियों को जानते हैं और सस्ते भाव पर सोना दिलवा सकते हैं।
संदीप ने पंद्रह लाख का इंतजाम कर लिया। वह सभी के साथ फाजिल्का के गांव नुकेरिया स्थित बलवीर सिंह व सुखचैन सिंह के घर पहुंचा। वहां शेर सिंह ने संदीप से कहा कि उन्हें 31 लाख रुपये का सोना मिल सकता है। बाकी के पैसों का इंतजाम कर लो। तीस अप्रैल की सुबह 31 लाख रुपये लेकर संदीप गांव नुकेरियां पहुंच गया। पैसे देने के बाद संदीप ने सोना मांगा तो बलवीर और सुखचैन ने कहा कि सोना अभी आ रहा है। इसी दौरान परमजीत कौर और सुनीता रानी उर्फ मानो भी आ गए।
सुबह करीब 10.30 बजे अचानक कुछेक व्यक्ति घर में दाखिल हुए और उन्होंने कहा कि वे विजिलेंस विभाग के मुलाजिम हैं। इसी दौरान घर की महिलाओं और व्यक्तियों ने भगदड़ मचा दी। इसी बीच विजिलेंस विभाग के मुलाजिम बनकर आए आरोपी उसका सारा पैसा लेकर फरार हो गए। बाद में पता चला कि आरोपियों के साथ मिलकर उसके साले ने ही ठगी की है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई सुभाष चंद्र के मुताबिक, संदीप के बयान पर सौरव जैरथ, शेर सिंह, सैनी, सनी, लक्की, बलवीर सिंह, सुखचैन सिंह, परमजीत कौर, सुनीता रानी उर्फ मानो, कुलवंत सिंह उर्फ काला और पांच अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।