कांग्रेस ने अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला को मैदान में उतारा है। जालंधर एससी सीट से पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को उम्मीदवार बनाया गया है। फतेहगढ़ साहिब से अमर सिंह, बठिंडा से जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, संगरूर से सुखपाल सिंह खैरा व पटियाला से डॉक्टर धर्मवीर गांधी को उम्मीदवार बनाया गया है।
कांग्रेस ने पंजाब में लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिमसें छह उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। लंबे इंतजार के बाद पार्टी ने ये लिस्ट जारी की है, जिसमें दो सांसदों अमर सिंह और गुरजीत औजला को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा गया है। इसी तरह बाकी चार सीटों पर नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
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जालंधर से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को टिकट दी गई है। चन्नी की पहले से ही टिकट लगभग फाइनल मानी जा रही थी, क्योंकि वो एक दलित चोहरा है। उन्होंने जालंधर में किराए पर मकान भी ले लिया था। यहां से पार्टी ने सांसद संतोख चौधरी के परिवार की टिकट काट दी है। सांसद चौधरी का भारत जोड़ो यात्रा के दौरान निधन हो गया था।
संगरूर से सुखपाल सिंह खैरा को टिकट मिली है। खैरा मौजूदा विधायक हैं और वह सीएम मान के कट्टर विरोधी हैं। यहां तक कि वह सीएम मान को भी इस सीट से चुनाव लड़ने का न्यौता तक दे चुके हैं।
इसी तरह बठिंडा से जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू को उम्मीदवार बनाया गया है। यहां से पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नाम की भी चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने सिद्धू को चुना। इसी तरह अमृतसर सीट से पार्टी ने गुरजीत सिंह औजला को टिकट दी है। फतेहगढ़ साहिब से अमर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है, जो मौजूदा सांसद भी है। इसी तरह आप छोड़कर कांग्रेस में आए डॉ. धर्मवीर गांधी को पटियाला से उम्मीदवार बनाया गया है। गांधी वर्ष 2014 में भी इसी सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे।
अमृतसर: गुरजीत सिंह औजला
उम्र : 51
शिक्षा : 12वीं
वर्ष 2017 में अमृतसर सीट पर हुए उपचुनाव में जीतकर सांसद बने। 2019 लोकसभा चुनाव में दोबारा इसी सीट पर जीत दर्ज करके लोकसभा पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मात दी थी। वर्ष 2023 में जब कुछ लोगों ने संसद में स्मोक बम फेंका था तो उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों के साथ आरोपियों से एक से एक वस्तु छीन ली थी। 2019 में उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी।
जालंधर : चरणजीत सिंह चन्नी
उम्र : 61
शिक्षा : पीएचडी
पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री रह चुके चरणजीत सिंह चन्नी पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण मंत्री रहे। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। वह पंजाब के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले दलित थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों से हार गए थे।
फतेहगढ़ साहिब: डॉ. अमर सिंह
उम्र : 70
शिक्षा : एमबीबीएस
वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में फतेहगढ़ सीट से ही सांसद चुने गए। उन्होंने चुनाव में शिअद के उम्मीदवार और बादल परिवार के करीबी दरबारा सिंह गुरु को 93898 मतों से मात दी थी। उन पर पार्टी ने लगातार दूसरी बार भरोसा जताया है।
बठिंडा: जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू
उम्र : 59
शिक्षा : ग्रेजुएट
चार बार विधायक रहे सिद्धृ ने शिअद छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। वर्ष 2002 में सिद्धू ने आजाद उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के हरमिंदर सिंह जस्सी को हराकर तलवंडी साबो सीट जीती, जबकि 2007 और 2012 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। बाद में वह अकाली दल में चले गए और 2014 में फिर से उन्होंने जीत दर्ज की।
संगरूर: सुखपाल सिंह खैरा
उम्र : 59
शिक्षा : अंडर ग्रेजुएट
जुलाई 2017 से जुलाई 2018 के दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। जुलाई 2022 से अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। यूथ कांग्रेस से राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 2007 में वह भुलत्थ से विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए। 2017 में दोबारा विधानसभा चुनाव जीते और वर्ष 2022 चुनाव में तीसरी पर जीत दर्ज की।
पटियाला: डॉ. धर्मवीर गांधी
उम्र : 72
शिक्षा : एमडी मेडिसन
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में परनीत कौर को मात देकर पटियाला से सांसद चुने गए। 30 साल से एनजीओ चला रहे हैं। पहले आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े और हाल ही में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।