चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि आज के तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी युग में संवैधानिक मूल्यों, नैतिक आचरण, ईमानदारी और करुणा का विशेष महत्व है। केंद्रीय पंजाब विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में वर्चुअल संबोधन देते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने छात्रों से अपील की कि वे दयालुता, सहानुभूति और मानवीय मूल्यों को बनाए रखते हुए समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सार्थक योगदान दें।
डिजिटल प्रगति से पैदा हो रहे अवसरों को स्वीकार करते हुए उन्होंने डिजिटल युग में उभर रही नैतिक चुनौतियों के प्रति सावधान भी किया। छात्रों से विनम्र और सामाजिक रूप से जिम्मेदार रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करना समाज और राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है। समारोह के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने विश्वविद्यालय के नए लाइब्रेरी भवन का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।
31,410 वर्ग फुट क्षेत्रफल में निर्मित यह भवन करीब 14.40 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध सुविधाओं को और मजबूत करेगा।आईआईटी रोपड़ के निदेशक राजीव अहुजा ने केंद्रीय पंजाब विश्वविद्यालय की लगातार प्रगति की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय की मजबूत शोध संस्कृति की प्रशंसा करते हुए छात्रों को नवाचार, शोध और आजीवन सीखने को अपनाने की सलाह दी।
छात्रों को जीवन में शॉर्टकट से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत करें, ज्ञान बढ़ाएं, इनोवेटर और जॉब क्रिएटर बनें तथा समर्पण और टीम वर्क के साथ ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान दें। समारोह में केंद्रीय पंजाब विश्वविद्यालय ने पूरे भारत और विदेश से आए छात्रों को 981 पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और 92 पीएचडी डिग्री प्रदान कीं। साथ ही 44 मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। महिला छात्राओं ने पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्तकर्ताओं में 52.1 प्रतिशत और स्वर्ण पदक विजेताओं में 61.36 प्रतिशत हिस्सा रखा।