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Punjab-Haryana water dispute: हरियाणा को क्यों पानी नहीं दे रहा पंजाब? असल वजह आई सामने, चौंकाने वाली रिपोर्ट

Thu, 01 May 2025 10:23 AM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Punjab-Haryana water dispute: हरियाणा और पंजाब में पानी को लेकर ठन गई है। पंजाब एक भी बूंद हरियाणा को नहीं देना चाहता। इसकी बड़ी वजह सामने आई है। 
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भाखड़ा बांध - फोटो : फाइल
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विस्तार
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दोनों पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा के बीच शुरू हुए जल विवाद ने सियासी घमासान तेज कर दिया है। दोनों राज्यों की सरकारें आमने सामने हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तो भाजपा पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा पंजाब के लोगों के साथ गंदी चाल चल रही है। केंद्र सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले की भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) से रिपोर्ट तलब कर ली। पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद गहराता जा रहा है।

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वहीं पंजाब की तरफ से हरियाणा को पानी न दिए जाने की असल वजह भी सामने आई है। दरअसल पंजाब  का पहले ही भूजल स्तर गिर रहा है और 118 ब्लॉक रेड जोन में पहुंच गए हैं। अब हरियाणा की अतिरिक्त पानी की मांग ने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है। साथ ही नहरी पानी से कृषि भूमि की सिंचाई क्षमता बढ़ाने से पानी की मांग पहले से बढ़ी है। यही कारण है कि पंजाब सरकार अब हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के लिए तैयार नहीं हो रही है।

पंजाब भूजल निष्कर्षण में अभी भी टॉप पर बना हुए हैं। यह बड़ा कारण है कि किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में स्टडी एरिया के अगर कुल क्षेत्र की बात की जाए तो 50175.27 स्क्वाॅयर किलोमीटर एरिया में से 35,786.32 स्क्वाॅयर मीटर भूजल दोहन से बुरी तरह से प्रभावित है, जोकि 71.32 प्रतिशत है। सिर्फ 13 स्क्वाॅयर किलोमीटर क्षेत्र ही सेफ है, जो 17.87 प्रतिशत है।

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कंडी नहर परियोजना ने 433 गांवों के 1,25,000 एकड़ रकबे में सिंचाई सुविधा की बहाल : गोयल
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि कंडी नहर परियोजना ने 433 गांवों के 1,25,000 एकड़ रकबे में सिंचाई सुविधा बहाल की है। 238.90 करोड़ रुपये की लागत से कंडी नहर नेटवर्क की कंक्रीट लाइनिंग और विकास किया गया और टेलों तक पानी पहुंचाने का काम किया गया। उन्होंने बताया कि कंडी नहर स्टेज-1 (तलवाड़ा से होशियारपुर) की कंक्रीट लाइनिंग 120 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई है। नहर के कच्चे खालों को बहाल किया गया, जिससे होशियारपुर के 203 गांवों के 28,500 एकड़ रकबे को लाभ हुआ। इसके अलावा वर्ष 2024-25 में इन डिस्ट्रीब्यूटरियों, माइनरों से निकल रहे 417.52 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का 58.78 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट सरकार द्वारा पास किया गया और यह काम इसी महीने पूरा हो जाएगा।
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इस तरह बढ़ाई जा रही सिंचाई सुविधा
  • गोयल ने बताया कि कंडी नहर स्टेज-2 के अधीन आने वाली लगभग 42 किलोमीटर लंबी 6 फ्लो डिस्ट्रीब्यूटरियों को रीस्टोर किया गया जिससे होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर के 72 गांवों के 18,800 एकड़ रकबे को होगा लाभा।
  • भूजल के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए 5 बंद पड़े सरकारी ट्यूबवेलों के ऊपर 20 लाख रुपये की लागत से भूजल के रिचार्जिंग स्ट्रक्चर बनाए गए हैं और 5.16 करोड़ रुपये की लागत से 24 छप्पड़ों का निर्माण किया गया है।
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