अटारी बाॅर्डर से लाैटतीं पाकिस्तानी महिलाएं
- फोटो : संवाद (फाइल)
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में बसे पाकिस्तानी नागरिकों को उनके मुल्क भेजा जा रहा है। मंगलवार तक पाक नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए समय दिया गया था, लेकिन अब जो लोग खुद पाकिस्तान नहीं गए उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर देश से निकाला जा रहा है। इन लोगों को भी अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजा जा रहा है। बुधवार को ऐसे कई लोग पाकिस्तान भेजे गए जो पाकिस्तान जाना ही नहीं चाहते थे। क्योंकि वह दशकों से भारत में बसे हुए थे। इनमें कई महिलाएं ऐसी हैं जो शादी कर भारत आई थी और अब पाकिस्तान जाना नहीं चाहती। क्योंकि इनका परिवार भारत में ही बसा है और पाकिस्तान में कोई नहीं है।
अटारी बॉर्डर से ऐसे लोगों को भी पाकिस्तान भेजा गया जिन्हें भारत की नागरिकता मिल चुकी थी। उन्हें भी वापस भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। पाकिस्तानी नागरिक ओसामा जोकि 2008 में भारत आया था और यहीं पर ही उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। ओसामा का कहना है कि उसका आधार कार्ड, राशन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र भारत का है। उसकी शिक्षा भी यहां पर ही हुई है। वह बीएड की पढ़ाई कर रहा है और यहीं पर ही उसने नौकरी के लिए आवेदन किया है। अब वह पाकिस्तान वापस जाकर क्या करेगा। उसने अपील की है कि उसे वापस न भेजा जाए।