बार काउंसिल के अनुसार, पांच अगस्त को संयुक्त कार्रवाई समिति के संयोजकों ने चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद छह अगस्त को एडहॉक कार्यकारिणी और चुनाव समितियों की संयुक्त बैठक हुई।
बार काउंसिल ऑफ पंजाब-हरियाणा ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशनों के वार्षिक चुनाव स्थगित करने की मांग ठुकरा दी है।
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काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 सितंबर 2026 को ही होंगे। हालांकि, एलएडीसीएस (लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम) आंदोलन के कारण अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशनों को हुई दिक्कतों को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया की कुछ समय-सीमाओं में एकमुश्त राहत दी गई है।
बार काउंसिल के अनुसार, पांच अगस्त को संयुक्त कार्रवाई समिति के संयोजकों ने चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद छह अगस्त को एडहॉक कार्यकारिणी और चुनाव समितियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में इस मांग पर विचार के बाद फैसला लिया गया कि पिछला चुनाव 28 फरवरी 2025 को हुआ था और मौजूदा कार्यकाल समाप्त हुए छह माह से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में चुनाव टालना उचित नहीं होगा।
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संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नियम 6(8)(i) के तहत शपथपत्र और वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त तय की गई है। पात्र मतदाताओं की सूची बार काउंसिल को भेजने की अंतिम तिथि 14 अगस्त होगी। बार काउंसिल संबंधित बार एसोसिएशनों को 20 अगस्त तक मतदाता सूची उपलब्ध कराएगी। इसी दिन तक सभी बार एसोसिएशनों को अपने खातों का ऑडिट कराकर उसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी।
इसके बाद 21 अगस्त को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। सूची पर आपत्तियां 25 अगस्त शाम पांच बजे तक दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि उनका निस्तारण 29 अगस्त तक किया जाएगा। इसके बाद 11 सितंबर को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशनों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।
बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बार एसोसिएशन निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करती है तो वहां एडहॉक समिति नियुक्त कर चुनाव प्रक्रिया बार काउंसिल की निगरानी में पूरी कराई जाएगी। इस बार चुने जाने वाले पदाधिकारियों का कार्यकाल विशेष छूट के तहत दिसंबर 2027 तक रहेगा।