पंजाब में ऐसा पहली बार हुआ है कि जेल में बंद नशा तस्करों को दूसरे राज्य की जेल में भेजा गया है। एनसीबी बठिंडा जेल में बंद तीन नशा तस्करों को असम जेल भेजेगी। इनके खिलाफ प्रीवेंटिव डिटेंशन के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने प्रदेश की जेलों से नशा तस्करी का रैकेट चला रहे तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पंजाब से तीन नशा तस्करों की हिरासत एक साल के लिए बढ़ाने में मदद मिली है। यह पहला मामला है कि जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने प्रीवेंटिव डिटेंशन के प्रावधानों का उपयोग करके दो खतरनाक ड्रग तस्करों को पंजाब की बठिंडा जेल से असम की जेल में स्थानांतरित कर दिया है। इससे पुलिस व तस्करों के बीच गठजोड़ को तोड़ने में मदद मिलेगी।
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एनसीबी के अनुसार इन खतरनाक अपराधियों ने जेल के अंदर से भी अपना नेटवर्क चलाया और उनके असम स्थानांतरण से पंजाब में उनके ड्रग तस्करी नेटवर्क को कमजोर होने की उम्मीद है। तीसरा हिरासत में लिया गया आरोपी 1992 से पंजाब की भारत-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय एक खतरनाक तस्कर है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो राज्य पुलिस के सहयोग से जेलों में ऐसे और भी ड्रग तस्करों की पहचान करने की प्रक्रिया में है, जो जेल से ही अपना नेटवर्क चला रहे हैं। ऐसे तस्करों का पता लगाकर उन्हें प्रदेश से दूसरी जेलों में भेजा जाएगा, ताकि उनके तस्करी के रैकेट को तोड़ा जा सके।