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पांचवीं महिला रामलीला: 6 माह की बेटी से 83 साल की दादी तक, 108 से ज्यादा महिलाएं मंच पर उतारेंगी रामायण

Tue, 06 Oct 2026 03:09 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

पीरमुछल्ला स्थित चिनार होम्स में 11 से 20 अक्तूबर तक होने वाली पांचवीं महिला रामलीला में 108 से ज्यादा महिलाएं मंच पर उतरेंगी। महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के इस अनूठे संगम का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। 
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प्रेस क्लब पहुंचीं रामलीला की कलाकार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छह महीने की नन्ही बेटी से लेकर 83 साल की दादी तक... छात्राएं, गृहिणियां, शिक्षक, सीए, वकील, आईटी विशेषज्ञ, व्यापारी, नौकरीपेशा और सेवानिवृत्त महिलाएं एक ही मंच पर रामायण के विभिन्न पात्रों को जीवंत करेंगी। 

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पीरमुछल्ला स्थित चिनार होम्स में 11 से 20 अक्तूबर तक होने वाली पांचवीं महिला रामलीला में 108 से ज्यादा महिलाएं मंच पर उतरेंगी। महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के इस अनूठे संगम का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। यह जानकारी मंगलवार को सेक्टर 27 के प्रेस क्लब में जड़ों से जुड़ो संस्था की संस्थापक एकता नागपाल ने दी। उनके साथ रामलीला की वेशभूषा में कलाकार भी आई थीं। 

संस्था जड़ों से जुड़ो की ओर से आयोजित इस रामलीला को आयोजक विश्व की प्रथम डिजिटल महिला रामलीला बता रहे हैं। मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजन का पोस्टर जारी किया गया।
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आयोजकों के अनुसार इस बार रामलीला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, आधुनिक प्रकाश, ध्वनि और विशेष डिजिटल प्रभावों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य रामायण की कथा और उसके संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

2022 में शुरू हुई थी पहल
महिला रामलीला की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। लगातार पांचवें वर्ष आयोजित होने वाली इस रामलीला में हर बार समाज के अलग-अलग वर्गों की महिलाओं को मंच दिया गया है। इस बार भी बालिकाओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक बड़ी संख्या में कलाकार हिस्सा लेंगी। दिव्यांग बेटियों और तेजाब हमले से प्रभावित महिलाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया है।

आयोजकों का कहना है कि रामलीला यह संदेश देगी कि प्रतिभा उम्र, पेशे या शारीरिक परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। मंच पर समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व दिखाई देगा।

रामायण के साथ सामाजिक मुद्दों का संदेश
रामलीला में भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण की कथा के साथ मानसिक स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों को भी जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से वर्तमान दौर की सामाजिक चुनौतियों पर जागरूकता का संदेश देने का प्रयास होगा।

बधिर दर्शकों के लिए सांकेतिक भाषा की व्यवस्था
आयोजन को समावेशी बनाने के लिए बधिर दर्शकों के लिए सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है। विशेषज्ञ सांकेतिक भाषा के माध्यम से मंच पर होने वाले संवाद और घटनाक्रम को समझाने में मदद करेंगे।

डिजिटल माध्यम से करोड़ों लोगों तक पहुंचाने की तैयारी
आयोजकों को उम्मीद है कि विभिन्न डिजिटल और टीवी माध्यमों के जरिए इसकी संभावित पहुंच 40 से 50 करोड़ लोगों तक हो सकती है।

जड़ों से जुड़ो की अध्यक्ष एवं पंजाब भाजपा की प्रदेश सचिव एकता नागपाल ने कहा कि यह आयोजन केवल रामलीला नहीं, बल्कि बेटियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास, संस्कार और नेतृत्व क्षमता को मंच देने का प्रयास है। उनका कहना है कि नई पीढ़ी तकनीक के साथ आगे बढ़े, लेकिन अपनी संस्कृति, जड़ों और पारिवारिक मूल्यों से भी जुड़ी रहे, यही आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

11 से 20 अक्तूबर तक होने वाली रामलीला का मंचन रोजाना रात आठ से 11 बजे तक किया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में दर्शक आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे।

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