लड़ाकू विमान उड़ाते समय पायलट को बार-बार कॉकपिट में लगे उपकरणों की ओर न देखना पड़े, इसके लिए सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) ने स्वदेशी हेड-अप डिस्प्ले (एचयूडी) के लिए विशेष ऑप्टो-मैकेनिकल मॉड्यूल विकसित किया है।
स्वदेशी तकनीक से घटेगी बाहरी निर्भरता
एचयूडी के लिए मॉड्यूल का विकास रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमान की एवियोनिक्स प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले सटीक ऑप्टिकल और मैकेनिकल उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं। देश में ऐसी तकनीक विकसित होने से भविष्य में इन प्रणालियों के निर्माण और विकास में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. हैरी गर्ग हैं प्रमुख अन्वेषक
सीएसआईओ के निदेशक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य ने बताया कि इस तकनीक के प्रमुख अन्वेषक डॉ. हैरी गर्ग हैं। इसके तकनीकी साझेदार के रूप में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, पंचकूला जुड़ा है। यह पहल कॉकपिट में एक अतिरिक्त स्क्रीन लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पायलट को उड़ान पर ध्यान केंद्रित रखते हुए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।