कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद पंजाब के गांव और कस्बों में उत्सव का माहौल बन गया। शुक्रवार को गुरु पर्व पर पूरा दिन जहां गुरुद्वारों में श्रद्धालु नतमस्तक रहे, वहीं कृषि कानूनों की वापसी का जश्न भी चला। हलवारा में किसानों ने ढोल की थाप पर भंगड़े डाले और ट्रैक्टर मार्च निकाला।
सुधार गांव में भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के स्थानीय प्रधान जसविंदर सिंह सोनी और पूर्व सरपंच जसविंदर सिंह धालीवाल की अगुवाई मे लड्डू बांटे गए। ऐतिआणा गांव में सरपंच लखवीर सिंह, पूर्व सरपंच गुरमीत सिंह और समूह पंचायत ने आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि भेंट की। गांव पत्ती गिल सुधार में संयुक्त मोर्चा के नेता इंदरजीत सिंह गिल, प्रधान चरनजीत सिंह गिल, पवनजीत सिंह गिल ओर सरपंच हरमिंदर सिंह गिल ने मोदी सरकार का धन्यवाद करते हुए कानून वापसी के फैसले का स्वागत किया।
कृषि बिल वापस होने पर किसानों व सिख जथेबंदियों ने बांटे लड्डू
गुरुपर्व के दिन प्रधानमंत्री की तरफ से कृषि बिल वापस लेने के एलान के बाद जालंधर में किसानों व कुछ सिख जथेबंदियों की तरफ से लोगों को लड्डू बांटे गए। इन किसान नेताओं ने लोगों को रोक कर उनका मुंह मीठा करवाया व लोगों ने भी इन किसान नेताओं को कृषि बिल रद्द होने की बधाई भी दी। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के प्रवक्ता जत्थेदार कशमीर सिंह व सिख तालमेल कमेटी के तजिंदर सिंह परदेसी, हरपाल सिंह चड्डा ने कहा कि यह जीत किसानों के साथ साथ आम जनता की भी जीत है। यह जीत श्री गुरु नानक देव जी की कृपा से हासिल हुई है।