उन्होंने बताया कि महामारी के दौर में काम करने वालों की कनाडा में भारी कमी हो रही है। 1971 में वहां 6.6 सीनियर सिटीजन के पीछे 3 जवान काम करने वाले थे, जो साल 2035 तक घटकर दो रह जाएंगे। ऐसे में इस खाई को भरना काफी मुश्किल होगा। इसलिए विदेशी छात्रों को पीआर के लिए शर्तें भी आसान की गई हैं।
वर्क परमिट पर एक साल के तजुर्बे की शर्त खत्म कर दी गई है, वहीं आइलेट्स में भी ऐट ट्रिपल सेवन की जगह पांच बैंड निर्धारित किए गए हैं। फ्रेंच और दो भाषा के ज्ञाता छात्रों के लिए कोई लिमिट नहीं होगी, अब वे कितने भी आवेदन कर सकते हैं। इस नए ड्रा के लिए 6 मई से लेकर 5 नवंबर 2021 तक आवेदन किए जा सकेंगे। इसमें वर्ष 2017 के बाद ग्रेजुएशन करने वाले छात्र हिस्सा ले सकेंगे।
इस ड्रा की घोषणा के बाद आइलेट्स परीक्षा देने के लिए कनाडा में भारतीय छात्रों की होड़ मच गई है। इसके चलते इस परीक्षा को लेने वाली ब्रिटिश काउंसिल एंड आईडीपी की वेबसाइट क्रैश कर गई हैं। भारतीय छात्र जल्द से जल्द इस परीक्षा के लिए डेट बुक करवाना चाहते हैं। समस्या यह भी है कि भारत से इस परीक्षा को देने के लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है।
कनाडा के कॉलेज से ग्रेजुएट छात्र साहिल, अर्जुन, समर, रंजीत, ज्योति राय आदि ने बताया कि इस घोषणा से भारतीय छात्रों में खुशी का माहौल है। हालांकि वेबसाइट क्रैश होने से उनकी बेचैनी भी बढ़ गई है, लेकिन पूरी उम्मीद है कि उन्हें आइलेट्स परीक्षा की डेट मिल जाएगी।
कनाडा में भारतीय कारोबारी एवं कैनेडियन कानून के माहिर सतवंत सिंह तलवंडी राय ने बताया कि अक्तूबर 2020 में भी ट्रूडो सरकार ने करीब 24 हजार छात्रों के लिए एक्सप्रेस एंट्री ड्रा में पीआर के लिए जरूरी पाइंट्स को 475 से कम करके सिर्फ 75 कर दिया था। इसका पूरा फायदा भारतीय छात्रों को मिला। अब जो ड्रा निकाला गया है, यह कनाडा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ड्रा है।