प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एक्सईएन विजय कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में विभाग द्वारा धुंआ उगलने वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए पांच इकाइयां बंद की गई हैं और कुछ मिल मालिकों से विभाग ने 110 करोड़ की बैंक गारंटी ली है। विभाग ने उनको मानवीय सेहत से खिलवाड़ न करने की चेतावनी दे रखी है।
50 इकाइयां पीएनजी पर, 200 का टारगेट
उन्होंने बताया कि अकेले मंडी गोबिंदगढ़ में 50 लोहा इकाइयों को गैस पर किया गया है, ताकि धुआं खत्म किया जा सके। चालू वर्ष में 200 से अधिक उद्योगों को प्रदूषण की रोकथाम के लिए पीएनजी पर किया जा रहा है। कारण कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की नजर भी अक्सर मंडी गोबिंदगढ़ की आबोहवा पर बनी रहती है।