सीमा सुरक्षा बल के 'वीर प्रहरी दिव्यांग योद्धा' द्वारा रविवार को अटारी-वाघा बॉर्डर, अमृतसर में बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली का आयोजन दिव्यांग जवानों के लिए किया गया है। बीएसएफ कमांडेंट सुरिंदर सिंह ने कहा कि हमने सात अप्रैल को दिल्ली से शुरुआत की थी। इसमें कुल 11 जवानों ने हिस्सा लिया है।
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के दिव्यांगों की मोटरसाइकिल रैली शनिवार को ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी पहुंची थी। बीएसएफ के डीआईजी भूपिंदर सिंह ने अटारी पहुंचने पर रैली का स्वागत किया और अगले पड़ाव के लिए शुभकामनाएं भी दी।
रैली का नेतृत्व कर रहे कमांडेंट सुरिंदर सिंह ने बताया कि इस मोटरसाइकिल रैली में बीएसएफ के कुल 11 दिव्यांग शामिल हैं। बीएसएफ के यह वे लोग हैं जो किसी हादसे या घटना का शिकार हुए और उन्हें शारीरिक क्षति पहुंची, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
उन्होंने बताया कि 1400 किलोमीटर लंबी यह मोटरसाइकिल रैली 7 जनवरी को दिल्ली से शुरू हुई, जो हिसार और अबोहर से होते हुए शनिवार को जेसीपी अटारी पहुंची। उन्होंने बताया कि यह रैली रविवार को जम्मू के लिए रवाना होगी और वहां से होशियारपुर खड़कां कैंप और चंडीगढ़ होते हुए वापस दिल्ली में ही संपन्न होगी। समाज या बीएसएफ के दिव्यांगों के नाम संदेश में उन्होंने कहा कि कोई भी मुश्किल इंसान की हिम्मत से बड़ी नहीं। इसलिए कभी भी हिम्मत नहीं हारें। क्योंकि दृढ़ हौसले और विश्वास के साथ कितनी भी बड़ी कठिनाई का सामना किया जा सकता है।