आदेशों का पालन न करना बठिंडा पुलिस के तीन कर्मियों के लिए महंगा साबित हुआ। उच्चाधिकारियों ने एसआई सहित दो हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। वहीं, थाना इंजार्च को लाइन हाजिर किया गया है।
आपराधिक केसों में भगोड़े और नशा तस्करों को न पकड़ने के आरोप में शुक्रवार को एसएसपी अमनीत कोंडल ने सीआईए स्टाफ-1 के तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें सहायक थानेदार (एसआई) हरिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल लखविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल अमरीक सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, इंचार्ज जसविंदर सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।
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आठ अगस्त को एसपी डी अजय गांधी के कार्यालय की तरफ से एसएसपी अमनीत कोंडल को एक पत्र भेजा गया था। इसके आधार पर उक्त कारवाई की गई है। एसएसपी ने बताया गया कि उनके पास एसपी इन्वेस्टिगेशन की तरफ से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है कि सीआईए स्टाफ-1 में तैनात सहायक थानेदार हरिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल लखविंदर सिंह और अमरीक सिंह को उच्च अधिकारियों ने हिदायत की थी कि स्पेशल स्टाफ के साथ तालमेल करके पीओ को गिरफ्तार करने के लिए लिस्टें हासिल कर अपनी कारगुजारी के बारे में अधिकारियों को बताया जाए। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के जिन केसों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, उसकी लिस्टें भी अधिकारी से प्राप्त की जाए।
एसएसपी अमनीत कोंडल ने बताया कि जांच में पाया कि उक्त तीनों पुलिस कर्मियों ने दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया और न ही किसी गंभीर अपराध को ट्रेस किया। इसी के चलते तीनों मुलाजिमों को निलंबित किया गया है और इंचार्ज जसविंदर सिंह को लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन भेज दिया।