अध्यापक राजिंदर सिंह का मुंह मीठा करवाते हुए माता पिता।
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अब स्कूल में 16 गांवों के बच्चे पढ़ते हैं
शिक्षक राजिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने मेहनत करते हुए न केवल स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाई, बल्कि स्कूल के पास प्रतिशत को भी सुधारा। इसी का परिणाम है कि अब इस प्राइमरी स्कूल में 16 गांवों के 200 से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल के अच्छे परिणाम लाने व बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने स्कूल में प्रेरणात्म स्लोगन भी लगवाए।
शिक्षक पकंज ने दिलाया 100 प्रतिशत परिणाम
वहीं, बरनाला के गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल के सामाजिक विज्ञान के अध्यापक पंकज गोयल की उपलब्धि को जान हर कोई हैरान है। पंकज गोयल को स्कूल की छात्राओं को नेशनल मीम कम मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) में 100 परिणाम के लिए राष्ट्रीय शिक्षक अवॉर्ड का सम्मान के लिए चुना गया है। पकंज बीते दो वर्षों से आठवीं कक्षा कि छात्राओं को एनएमएमएस की परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। यह परीक्षाएं केवल आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं ही दे सकते हैं। पिछले वर्ष स्कूल की 18 छात्राओं ने एनएमएमएस की परीक्षा दी, जिसमें 14 ने इसे पास किया और एक छात्रा ने पंजाब टॉप किया था। इसी प्रकार इस वर्ष 17 छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिसे सभी 17 ने पास कर लिया। इतना ही नहीं प्रदेशस्तर पर पहला, तीसरा व चौथ स्थान भी इसी स्कूल की छात्राओं ने हासिल किया। बता दें यह परीक्षा पास करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हर साल 12 हजार रुपये स्कॉलशिप प्राप्त होती है।
बना रखा है प्रैक्टिकल रूम
अध्यापक पंकज गोयल ने बताया कि परीक्षा की वे बच्चों को विशेष रूप से तैयारी कराते हैं। इसके लिए स्कूल में ही एक कमरे को प्रैक्टिकल रूम बना रखा है। यहां पर छात्राओं के दो ग्रुप बनाकर उनमें करंट टॉपिक पर वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाती है। इससे एक साथ सभी छात्राओं को मुद्दों की विस्तृत जानकारी मिल जाती है।