योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि इस समय देश के जो हालात हैं उससे लगता है कि आने वाले 2-3 महीने भारत के लिए नाजुक हैं। संक्रमण पर समय रहते कंट्रोल नहीं किया गया तो इसमें परिवार के परिवार खत्म हो जाएंगे, उद्योग तबाह हो जाएंगे, इससे लोगों का भरोसा अपने देश की व्यवस्था से उठ जाएगा। वे पंजाब के पठानकोट में द व्हाइट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का शुभारंभ करने आए थे।
इस दौरान बाबा रामदेव ने कुछ लोगों से मुलाकात की। उनके साथ स्वर्ण सलारिया भी रहे। बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की तैयारियों में काफी खामियां हैं। इसके लिए सभी दलों को एकजुट होना होगा। एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ने से हालात नहीं सुधरेंगे। सरकार को सर्वदलीय सोच रखनी चाहिए। इस समय देश में त्रासदी का समय है तो सभी को मिलजुल कर इससे निपटना चाहिए।
मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं
बाबा रामदेव ने कहा कि वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। मीडियाकर्मी द्वारा पूछे गए सवाल पर योग गुरु ने कहा कि पिछले 7 साल से उन्होंने किसी भी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में कोई बयानबाजी नहीं की। न ही किसी पार्टी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कोरोना किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक पार्टी ने नहीं बनाया। इन लोगों को इस नए स्ट्रेन की ताकत का अंदाजा नहीं था, इसलिए पहले से तैयारियां नहीं की गई। जो तैयारियां कीं उनमें भी काफी खामियां हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार को देश भर में कोरोना वैक्सीन का एक मूल्य तय करना चाहिए। गरीबी रेखा से नीचे और मध्यम वर्ग परिवारों को मुफ्त टीका मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। एक सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि जब सभी देशवासी कोरोना वैक्सीन लगवा लेंगे तो वह भी लगवाएंगे।
अधिक स्टेरॉयड और एंटीबॉयटिक से हो रहा ब्रेनस्ट्रोक
बाबा रामदेव ने डॉक्टरों से अपील करते कहा कि मरीजों को अधिक स्टेरॉयड, एंटीबॉयटिक न दिया जाए। रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल कम किया जाए। योग गुरु ने दावा किया कि इन दवाओं के अधिक सेवन से लोगों को ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। किडनी, लिवर समेत शरीर के कई अंगों पर इसका विपरीत असर हो रहा है। लोगों को देसी इलाज पर भी विश्वास रखना चाहिए। योग गुरु ने खून पतला करने के लिए पारंपरिक नुस्खों के बारे भी जानकारी दी।